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भारत के खारिज किए जाने के बाद भी नहीं मान रहे ट्रंप… भारत-पाक युद्ध समेत कई हिंसक टकरावों को रुकवाने किया दावा

Trump administration deports

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न्यूयॉर्क/वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष सहित दुनिया भर में हिंसक टकरावों को रुकवाने का श्रेय लिया। ट्रंप ने 10 मई को सोशल मीडिया पर यह घोषणा की थी कि भारत और पाकिस्तान ने वाशिंगटन की मध्यस्थता में रात में चली लंबी वार्ता के बाद पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई। इसके बाद से ट्रंप कई अवसरों पर इस दावे को दोहरा चुके हैं। इससे कुछ दिन पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट कहा ने था कि ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने सहित दुनिया भर में कई संघर्षों को समाप्त कराने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए।

ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में रेडियो मेजबान और लेखक चार्लमेन था गॉड की आलोचना की और कहा कि उन्हें (गॉड को) उनके बारे में या उनके कार्यों के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने पांच युद्धों को समाप्त कराया, जिनमें कांगो गणराज्य और रवांडा के बीच 31 वर्षों से चला आ रहा खूनी संघर्ष भी शामिल है। इसमें करीब 70 लाख लोगों की मौत हुई और इसका कोई अंत नजर नहीं आ रहा था।

राष्ट्रपति ने कहा, उन्हें (गॉड को) इस बारे में कुछ नहीं पता- न भारत और पाकिस्तान के मुद्दे के बारे में, न ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म करने के बारे में, न ही अमेरिका की खुली सीमा को बंद करने और सबसे बेहतरीन अर्थव्यवस्था बनाने के बारे में। एक दिन पहले ही ट्रंप ने ‘न्यूज़मैक्स’ पर एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्होंने बहुत सारे युद्धों को खत्म कराया है।

ट्रंप ने कहा, अगर आप हाल में हुई घटनाओं पर नज़र डालें, तो पाएंगे कि हमने कई मामलों को सुलझाया है। कई बेहद गंभीर युद्ध खत्म कराए हैं। इनमें से एक युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच था, जिसमें परमाणु टकराव की आशंका थी। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने थाईलैंड और कंबोडिया के साथ-साथ कांगो और रवांडा के बीच संघर्ष को भी सुलझाया है। ट्रंप ने कहा, मैंने उस मामले को सुलझाया। और मैंने इसे व्यापार के जरिए सुलझाया। मैंने कई ऐसे मामलों को व्यापार की मदद से सुलझाया। मैंने कहा, ‘सुनो, आप लोग लड़ सकते हो, जितना चाहे लड़ो, लेकिन हम कोई व्यापार समझौता नहीं करेंगे।’’

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