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Chaos in Global Market : ट्रंप की टैरिफ ने ग्लोबल मार्केट में मचाया हड़कंप, कहा- यह बहुत ही सुंदर चीज है

America tariff bomb

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इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी इम्पोर्ट टैक्स (टैरिफ) ने वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट का कारण बना है। चीन ने भी अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाए, जिसके कारण एक ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस तनावपूर्ण माहौल में दुनिया भर के निवेशक घबरा गए हैं और शेयरों की तेज बिक्री शुरू हो गई है, जिसके कारण एशियाई बाजारों में भारी गिरावट आई है। आइए समझते है इस ट्रेड वॉर को विस्तार से ….

जापान और हॉन्ग कॉन्ग में भारी गिरावट

आपको बता दें कि सोमवार को जापान के Nikkei 225 इंडेक्स में 7% से अधिक की गिरावट आई, जबकि TOPIX इंडेक्स में लगभग 9.6% की गिरावट आई, जो अगस्त 2019 के बाद का सबसे निचला स्तर है। हॉन्ग कॉन्ग का Hang Seng इंडेक्स भी 9.28% गिरकर 21,000 के करीब आ गया। इन गिरावटों के कारण जापान में फ्यूचर ट्रेडिंग को रोकना पड़ा और सर्किट ब्रेकर लागू किया गया। यह गिरावट बाजार में डर और चिंता का स्पष्ट संकेत है।

चीन, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया में भी गिरावट

इसके साथ ही चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 4.21% गिरा, ताइवान का शेयर बाजार 9.8% तक नीचे गिर गया, और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख इंडेक्स में 6% की गिरावट आई। निवेशकों का मानना है कि ट्रेड वॉर के कारण वैश्विक वृद्धि (Global Growth) पर असर पड़ सकता है और कंपनियों के मुनाफे में भी गिरावट आ सकती है।

अमेरिकी बाजार पर दबाव

हालांकि, केवल एशियाई बाजार ही नहीं, बल्कि अमेरिका के शेयर फ्यूचर्स भी प्रभावित हुए हैं। Nasdaq और S&P 500 फ्यूचर्स में 4-5% तक गिरावट देखी गई। इसका मतलब है कि अमेरिकी बाजार खुलते ही और गिर सकते हैं। इसके साथ ही डॉलर कमजोर हुआ है और ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड भी गिरी है, जो यह संकेत देता है कि निवेशक अब सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।

 6 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान

ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के कारण, पिछले कुछ दिनों में वैश्विक शेयर बाजारों से करीब 6 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू कम हो चुकी है। अमेरिकी कंपनियों की वैल्यू में भी भारी गिरावट आई है, जो इस पॉलिसी का एक प्रमुख प्रभाव है। वहीं इस मामले पर रविवार को ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनकी टैरिफ पॉलिसी से शेयर बाजार में गिरावट आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दूसरे देशों के साथ व्यापार घाटे का समाधान नहीं होगा, तब तक वह कोई डील नहीं करेंगे। एयर फोर्स वन में रिपोर्टर्स से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर दुनिया भर के नेताओं से बातचीत की है और वे सभी इस मुद्दे पर डील करने के लिए उत्सुक हैं।

कमोडिटी मार्केट पर असर

इस गिरावट का असर कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा है। अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 60 डॉलर से नीचे गिरकर 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। ब्रेंट क्रूड भी लगभग 63 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। गोल्ड की कीमत में भी 0.7% की गिरावट आई और यह 3,013 डॉलर प्रति औंस तक आ गया है। वहीं अब उम्मीद की जा रही है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक, फेडरल रिजर्व, जल्द ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। फेड फंड फ्यूचर्स यह संकेत दे रहे हैं कि मई महीने में ही ब्याज दरों में कटौती की संभावना 63% तक पहुंच चुकी है।

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