ट्रंप का चीन का दौरा किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का दस साल बाद हुआ दौरा है। इसके पहले बराक ओबामा ने साल 2016 में चीन का दौरा किया था। इन एक दशक में चीन और अमेरिका के आपसी रिश्ते खट्टे-मीठे रहे हैं। लेकिन ट्रंप के दौरे के बाद दोनों देशों के रिश्तों में नए अध्याय की शुरूआत मानी जा सकती है।
वैसे चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात पिछले साल बुसान में हुई मुलाकात के बाद हुई है। शी चिनफिंग ने उन्हें चीन आने का निमंत्रण दिया था। बहरहाल चीन दौरे के वक्त दोनों देशों के बीच कई कारोबारी समझौतों पर सहमति बनी है। दोनों देश आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाते हुए कृषि, एआई विमानन क्षेत्र में कारोबारी रिश्ते बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।
ट्रंप की पेइचिंग यात्रा के नतीजों की जानकारी चीनी विदेश मंत्रालय ने दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का यह कहना कि दोनों राष्ट्रपतियों ने दोनों देशों और दुनिया से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया और उनके बीच कई नए साझा समझौतों पर सहमति बनी है। इस यात्रा के दौरान दोनों राष्ट्रपतियों के बीच रणनीतिक स्थिरता की बुनियाद पर केंद्रित रचनात्मक संबंधों को विकसित करने के लिए नए दृष्टिकोण पर सहमति व्यक्त की है। जिसके जरिए दोनों देशों के अगले तीन वर्षों और उससे आगे द्विपक्षीय संबंधों के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन करेगा। चीनी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि दोनों राष्ट्रपतियों ने चीन-अमेरिका संबंधों के स्थिर, सुदृढ़ और सतत विकास को बढ़ावा देने और विश्व में अधिक शांति, समृद्धि और प्रगति लाने पर भी सहमति जताई है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— उमेश चतुर्वेदी)

