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जीरो टैरिफ के जरिए वैश्विक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश

Trying Increase Global Influence

Trying Increase Global Influence

Trying Increase Global Influence : चीन इन दिनों नई तरह की पहल कर रहा है। एक दिसंबर से चीन ने दुनिया के अल्प विकसित देशों  के उत्पादों पर शून्य टैरिफ नीति लागू की है। यह नीति भी अफ्रीका के तैंतीस देशों के लिए लागू की गई । दुनिया के लिए शून्य टैरिफ नीति एक तरह से नई चीज है। अब तक कोई भी देश किसी भी देश को या तो सहायता देता रहा है या फिर उनके निर्यात के जरिए सीमा और उत्पाद शुल्क जैसे टैरिफ वसूलता रहा है। इस लिहाज से देखें तो चीन का यह कदम बेहद क्रांतिकारी है। चीन ने यह नीति 8,786 वस्तुओं पर लागू की है। जिनमें कोको पाउडर, नट्स और जैतून का तेल जैसे कृषि उत्पाद तो शामिल हैं ही, इसके साथ ही चीन में उत्पादित और तैयार होने वाले कई और भी उत्पाद और रसायन शामिल हैं। चीन ने जब 98 प्रतिशत टैरिफ छूट की नीति दो साल पहले शुरू की थी, तभी कहा था कि वह अपने साथ के राजनयिक संबंध वाले सभी कम विकसित देशों को लाभ पहुंचाने के लिए लागू करेगा। शून्य टैरिफ नीति इसी नीति का विस्तार है। 

इसमें दो राय नहीं कि दुनिया में सबसे ज्यादा आर्थिक रूप से कमजोर देश अफ्रीकी महाद्वीप में हैं। शून्य टैरिफ नीति अल्प विकसित देशों  के लिए फिलहाल लागू  की गई है। चीन के आधिकारिक मीडिया के अनुसार एक दिसंबर 2022 से अफ्रीका के नौ देशों से 98 कर योग्य आयात पर चीन ने शुल्क माफ कर किया। ये नौ अफ्रीकी देश बेनिन, बुर्किना फासो, गिनी-बिसाऊ, लेसोथो, मलावी, साओ टोम और प्रिंसिपे, तंजानिया, युगांडा और जाम्बिया रहे। इसके पहले तीन अफ्रीकी देशों जिबूती, टोगो और रवांडा के लिए एक सितंबर से ऐसी ही टैरिफ छूट पेश की गई थी। इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए अफ्रीका महाद्वीप के 33 देशों को शून्य टैरिफ नीति के जरिए छूट दी जा रही है। इसके तहत ये देश बिना किसी शुल्क के खेती की उपज, सी फूड और फल के साथ ही कुछ और वस्तुओं को चीन भेज सकते हैं। 

अफ्रीकी देशों की ओर दुनिया की इन दिनों ज्यादा निगाह है।  शून्य टैरिफ नीति को लागू करने का ऐलान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पांच सितंबर 2024 को चीन-अफ्रीका सहयोग फोरम की बीजिंग बैठक को संबोधित करते हुए कहा था। शून्य टैरिफ नीति के चलते अफ्रीकी देशों से चीन को होने वाले निर्यात में भारी बढ़ोत्तरी होगी।जाहिर है कि इससे वनोपज और कृषि उपज के लिए मशहूर अफ्रीकी देशों को चीन के लिए निर्यात बढ़ेगा। इससे उनके यहां जहां नए तरह की आर्थिक क्रांति आने की उम्मीद बढ़ेगी,वहीं चीन को भी खाद्य पदार्थ जैसे जरूरी सामान आसानी से मिलेंगे। अफ्रीका से चीन में कृषि आयात बढ़ रहा है।   चीन ने पिछले साल अफ्रीका से रिकॉर्ड 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के कृषि उत्पादों का आयात किया था। इसके जरिए विकासशील देशों के बीच चीन अपनी नई पहचान तो बनाएगा ही, उसका प्रभाव भी बढ़ेगा। इसके चीन को अफ्रीकी महाद्वीप में अपना असर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— उमेश चतुर्वेदी)

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