ढाका: म्यांमा की ओर से सीमा पार एक बांग्लादेशी गांव में मोर्टार का गोला गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पिछले दो दिनों में म्यांमा के 95 जवानों ने अपनी चौकियां छोड़कर इस देश में शरण ली है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
बंदरबन के उपायुक्त और प्रशासनिक प्रमुख शाह मुजाहिदुद्दीन ने कहा, ‘‘मारे गए दो लोगों में से एक बांग्लादेशी महिला है जबकि दूसरा रोंहग्या पुरुष है। वे रविवार को सीमा के पास जपैताली इलाके में मारे गए।’’ पुलिस ने कहा कि 50 वर्षीय महिला रोंहग्या दिहाड़ी मजदूर को खाना परोस रही थी, तभी क्षेत्र में मोर्टार का गोला गिरा, जिसकी चपेट में आकर दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
इस बीच, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों ने कहा कि म्यांमा के अर्धसैनिक बल के 27 और जवान रात के दौरान सीमा पार कर इस तरफ आ गए क्योंकि सीमा के दूसरी ओर सरकार समर्थक सैनिकों और विद्रोही ‘अराकान सेना’ के बीच भीषण गोलीबारी जारी रही।
बीजीबी के एक प्रवक्ता ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी (बीजीबी) हिरासत में म्यांमा के जवानों की संख्या अब बढक़र 95 हो गई है। इनमें से अधिकांश अपने हथियार अपने साथ लाए थे।’’ प्रवक्ता ने कहा कि इनमें से कई जवान गोलियों से घायल होकर सीमा पार पहुंचे हैं और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है।

