इंटरनेशनल डेस्क: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रोग्राम (यूएनईपी) की कार्यकारी महानिदेशक इंगर एंडरसन ने हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप के साथ एक विशेष साक्षात्कार में बताया कि चीन की पारिस्थितिकी सभ्यता निर्माण की उपलब्धि अनुमान के बाहर है। चीन की आसन्न 15वीं पंचवर्षीय योजना में हरित ट्रांस्फोर्मेशन के बंदोबस्त से वे बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग का बहुपक्षीय जलवायु कार्रवाई का अटल समर्थन विश्व के लिए भारी महत्व रखता है।
इंगर एंडरसन ने कहा कि वर्ष 2025 इसलिए बहुत अहम है कि हम 30वीं यूएन जलवायु परिवर्तन महासभा आयोजित करने वाले हैं। इस महासभा पर हमें अधिक शक्तिशाली कार्रवाई योजना प्रस्तुत करना है, जो अत्यंत अहम है।
उन्होंने कहा कि हमने खुशी से देखा है कि चीन ने नवीकरणीय ऊर्जा के विकास में बड़ी प्रगति हासिल की है। हर साल चीन में 2 या 3 ख़रब किलोवाट अतिरिक्त पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता बिजली ग्रिड से जुड़ती है। यह सचमुच चौंकाने वाली बात है। चीन की कोशिश हो रही है कि कुल इंस्टॉल्लड क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा का अनुपात 60 प्रतिशत होगा।
उन्होंने कहा कि इस सितंबर में आयोजित यूएन जलवायु परिवर्तन समिट पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक नया लक्ष्य घोषणा की कि वर्ष 2035 तक समग्र चीनी अर्थव्यवस्था में ग्रीन हाउस गैस का शुद्ध उत्सर्जन शिखर स्तर से 7 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक घटाया जाएगा।
एंडरसन ने कहा कि दो पहाड़ अवधारणा यानी स्वच्छ पानी और हरित पहाड़ अनमोल संपत्ति हैं, पूरे चीन में लक्षित रूप से लागू किया जा रहा है। लोग इसका लाभ महसूस कर रहे हैं, जैसे कृषि अधिक स्वस्थ है, नदी और हवा अधिक साफ हैं, औद्योगिक उत्पादन अधिक स्वच्छ और स्मार्ट है। दो पहाड़ अवधारणा के केंद्रीय विचार को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की व्यापक मान्यता मिली है।
उन्होंने कहा कि जब मैंने वर्ष 2026 में शुरू होने वाली 15वीं पंचवर्षीय योजना में पर्यावरण सम्बंधी विषय की जानकारी पायी, तो मैं बहुत उत्साहित हुई। चीन एक प्रेरणादायक नया अध्याय जोड़ रहा है। जब चीन जैसे बड़े देश के नेता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को वैश्विक वार्तालाप की ज़रूरत है और वैश्विक वार्तालाप को बहुपक्षीय रूप से पूरा होना है, तो हमें शक्ति मिली है। यूएन की दृष्टि से हम ऐसी आवाज़ का खास स्वागत करते हैं।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

