Last Updated: September 25, 2026

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UNGA 2025: एहसान फ़रामोश तुर्की ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा, गाजा को लेकर इजराइल पर भी साधा निशाना

September 24, 2025

UNGA 2025: एहसान फ़रामोश तुर्की ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा, गाजा को लेकर इजराइल पर भी साधा निशाना

UNGA 2025 : संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) 2025 के सत्र के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दा उठाकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप बातचीत के जरिए जम्मू-कश्मीर विवाद को सुलझाने की बात कही। एर्दोगन ने कहा कि क्षेत्र में हाल ही में हुई युद्धविराम की स्थिति स्वागतयोग्य है, लेकिन यह अस्थायी समाधान है और स्थायी शांति के लिए संवाद ज़रूरी है।

एर्दोगन ने कहा- “कश्मीरियों की भलाई के लिए हो समाधान”
अपने संबोधन में एर्दोगन ने कहा, “हम भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम से प्रसन्न हैं, लेकिन कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों और संवाद के माध्यम से होना चाहिए। हमें उम्मीद है कि कश्मीरी भाई-बहनों की भलाई के लिए यह दिशा तय की जाएगी।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत लगातार स्पष्ट करता रहा है कि जम्मू-कश्मीर उसका आंतरिक और अभिन्न हिस्सा है, और इस पर किसी भी विदेशी टिप्पणी को अस्वीकार्य माना जाएगा।

यह पहली बार नहीं है जब एर्दोगन ने कश्मीर पर टिप्पणी की हो। पिछले वर्ष में भी वे इस्लामाबाद की यात्रा और विभिन्न मंचों पर कश्मीर मुद्दे को उठाते रहे हैं, जिसे भारत हर बार सख्ती से खारिज करता आया है।

एहसान फ़रामोश तुर्की
जब 2023 में तुर्की में तेज भूकंप आया था तो भारत में बड़ी मात्रा में राहत सामग्री भेजी थी और साथ में ही राहत और बचाव के लिए NDRF की टीमें भी भेजी थी। लेकिन तुर्की ने हमेशा की तरह एक बार फिर से पीठ पर हमला किया है। तुर्की ने पहले ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पाकिस्तान को ड्रोन और अन्य हथियार भेजे थे जिसे उसने भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए। हालांकि उन हथियारों से किए हमलों का भारत पर कोई असर नहीं हुआ और पकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी। अब UNGA में कश्मीर का मुद्दा उठाया है।

गाज़ा पर एर्दोगन का छलका दर्द — “यह नरसंहार है”
अपने भाषण के दूसरे भाग में एर्दोगन ने गाज़ा पट्टी में इज़रायल द्वारा चलाए जा रहे सैन्य अभियानों को “नरसंहार और मानवता का संहार” करार दिया। उन्होंने कहा, “जब हम यहां शांतिपूर्ण भविष्य की बात कर रहे हैं, गाज़ा में निर्दोष लोगों का खून बहाया जा रहा है। यह केवल एक सैन्य ऑपरेशन नहीं बल्कि जीवन का संगठित विनाश है।”

 

 

 

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