
पश्चिमोत्तर चीन के शैनशी प्रांत के पहाड़ी इलाके में स्थित एक छोटे से गांव में बुजुर्गों और ज़रूरतमंद लोगों के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। यहां ग्राम प्रधान खुद ट्राइसाइकिल चलाकर घर-घर जाते हैं और लोगों को सिर्फ एक युआन में पौष्टिक भोजन पहुंचाते हैं।
छिनलिंग पर्वत के सुदूर क्षेत्र में स्थित तानफेंग काउंटी के ताच्वांग नामक गांव की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां आवागमन के साधन सीमित हैं और आबादी बिखरी हुई है। अधिकतर युवा रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर गए हैं, जिससे गांव में बुजुर्गों की संख्या बढ़ गई है। इन बुजुर्गों के लिए रोजाना गरमागरम खाना बनाना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
इस समस्या को देखते हुए 2025 के नवंबर में गांव के प्रधान ली जुनल्यांग ने ‘एक युआन में गरमागरम भोजन’ योजना शुरू की। इसके तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के 84 बुजुर्गों, विकलांगों और गंभीर रूप से बीमार ग्रामीणों को रोजाना दोपहर का भोजन उनके घर तक पहुंचाया जाता है। ली जुनल्यांग और उनकी टीम पिछले 100 दिनों से लगातार यह सेवा दे रहे हैं।
एक युआन की इस मामूली राशि में इतना बड़ा अभियान चलाने के पीछे गांव की अनूठी ‘पांच-सूत्री वित्तीय मॉडल’ है। ली जुनल्यांग और उनकी टीम सिर्फ ‘भोजन वितरक’ नहीं हैं। भोजन पहुंचाने के दौरान वे बुजुर्गों के लिए दवा, किराने का सामान और अन्य ज़रूरी चीजें भी लाते हैं। वे उनकी समस्याएं सुनते हैं, पारिवारिक विवाद सुलझाने में मदद करते हैं और उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखते हैं।
यह पहल न केवल बुजुर्गों के लिए वरदान साबित हुई है, बल्कि शहरों में काम करने वाले उनके बच्चों की चिंता भी कम हुई है। ‘एक युआन में गरमागरम भोजन’ योजना वाकई में इंसानियत की एक मिसाल बन गई है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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