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2002 में अंटार्कटिक में बर्फ की परतें पिघलने में असामान्य गर्मी की रही थी भूमिका : अध्ययन

March 15, 2023

2002 में अंटार्कटिक में बर्फ की परतें पिघलने में असामान्य गर्मी की रही थी भूमिका : अध्ययन

नई दिल्लीः एक नए अध्ययन से पता चला है कि 2002 में अंटार्कटिक की ‘लार्सन बी’ बर्फीली चट्टान के ध्वस्त होने में असामान्य वायुमंडलीय और महासागरीय गर्मी ने भूमिका निभाई थी। उस घटना में रोड द्वीप के आकार का एक विशाल हिमक्षेत्र नाटकीय रूप से चट्टान से अलग हो गया था। अध्ययन का नेतृत्व करने वाले अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिर्विसटी (पेन स्टेट) के वैज्ञनिकों ने कहा कि अध्ययन से पता चला है कि व्यापक रूप से प्रवाह बढऩा और बार-बार छोटे-छोटे हिमशैल का पिघलना अंटार्कटिक में भविष्य में इस तरह बर्फीली परतों के अलग होने के संकेत हो सकते हैं।

‘अर्थ एंड प्लैनेटरी लेटर्स’ नामक पत्रिका में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है। वैज्ञनिकों ने कहा कि समुद्र स्तर में वृद्धि की सही भविष्यवाणी के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि लगातार गर्म तापमान में हिमशैल की स्थिति कैसी होती है। अध्ययन के प्रमुख लेखक और पेन स्टेट यूनिर्विसटी के प्रोफेसर शुजी वांग ने कहा कि लार्सन बी हिम शैल के ध्वस्त होने को आम तौर पर एक स्वतंत्र घटना के रूप में देखा जाता है। लेकिन हमारे अध्ययन से पता चलता है कि परत के पतन में असामान्य वायुमंडलीय और महासागरीय गर्मी ने भूमिका निभाई थी।

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