वॉशिंगटन/तेहरान: अमरीका-ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सीधे सैन्य टकराव के बेहद करीब पहुंच गया। दोनों पक्षों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास एक-दूसरे पर सैन्य हमले किए। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष विराम की परीक्षा के बीच ईरान के अमरीकी ठिकानों पर मिसाइलें दागे जाने के बाद अमरीकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरानी ड्रोन और राडार ठिकानों को निशाना बनाया।
इसी दौरान एक अन्य मोर्चे पर इसराइल-लेबनान में संघर्ष विराम समझौता होने के बावजूद इसराइली सेना और हिजबुल्लाह के बीच झड़पें तेज हो गई हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह युद्धविराम लागू है, लेकिन जमीन पर इसका पालन बेहद कमजोर नजर आ रहा है। अमरीकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने एक बयान में कहा कि ईरानी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे।
शुरुआती आकलन के अनुसार, अमरीकी सेना ने कुवैत और बहरीन को निशाना बनाकर दागी गई 7 मिसाइलों में से 6 को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि 7वीं मिसाइल लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गई। बयान में कहा गया है कि किसी भी अमरीकी कर्मी को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा है। सेंटकॉम ने कहा, बहरीन में अमरीकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को नुक्सान पहुंचाने के ईरानी दावे पूरी तरह झूठे हैं।
इससे पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया था कि उसने ‘क्षेत्र में मौजूद दुश्मन के ठिकानों’ पर हमले किए हैं। अमरीकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में सक्रिय जहाजों के लिए सीधा खतरा बने ईरान के 4 हमलावर ड्रोनों को मार गिराया गया। जवाब में अमरीका ने गोरुक और केश्म द्वीप पर स्थित ईरान के राडार और तटीय रक्षा ठिकानों पर हमले किए। ये वे महत्वपूर्ण ठिकाने हैं, जहां से ईरान समुद्री यातायात पर नजर रखता है।

