इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका ने शनिवार को एक बार फिर सीरिया में हवाई हमले किए। इन हमलों का निशाना आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकाने रहे। अमेरिका ने यह कार्रवाई पिछले महीने हुए एक हमले के जवाब में की है, जिसमें अमेरिका के दो सैनिकों और एक सीरियाई नागरिक की जान चली गई थी। उस घटना के बाद से अमेरिका लगातार ISIS के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
अमेरिकी सेना ने अपने सहयोगी देशों की सेनाओं के साथ मिलकर यह हवाई हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई देर रात करीब 12:30 बजे की गई। सीरिया के अलग-अलग इलाकों में ISIS के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया और बड़े पैमाने पर बमबारी की गई।
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी संगठन या आतंकी समूह अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो अमेरिका उसे दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर जवाब देगा। कोई भी आतंकी न्याय से बच नहीं पाएगा, चाहे वह कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले।
इससे पहले भी आईएस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य कार्रवाई होती रही है। पिछले महीने 19 दिसंबर को अमेरिका ने सीरिया में ISIS के करीब 70 ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इसके बाद बीते हफ्ते ब्रिटेन और फ्रांस की सेनाओं ने भी संयुक्त रूप से सीरिया में आईएस के ठिकानों पर हमला किया था। ये हमले सीरिया के होम्स प्रांत में स्थित ऐतिहासिक पल्मायरा इलाके में किए गए थे।
गौरतलब है कि सीरिया पिछले साल के अंत में आईएस विरोधी अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल हुआ था। हालांकि साल 2019 में ISIS को सीरिया में बड़ी हार मिली थी, लेकिन इसके बावजूद संगठन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आईएस के स्लीपर सेल अभी भी सीरिया और इराक में सक्रिय हैं और समय-समय पर घातक हमलों को अंजाम देते रहते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल सीरिया और इराक में आईएस के करीब 5,000 से 7,000 आतंकी अब भी सक्रिय हैं। यही वजह है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश आईएस के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि संगठन को दोबारा मजबूत होने से रोका जा सके।
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