Last Updated: October 2, 2026

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US Court On Tariff: ‘हम बर्बाद हो जाएंगे’, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले डरे ट्रंप; जानें पूरा मामला

January 13, 2026

US Court On Tariff: ‘हम बर्बाद हो जाएंगे’, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले डरे ट्रंप; जानें पूरा मामला

इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय अपने ही लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) को लेकर चिंता में दिखाई दे रहे हैं। ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ को लेकर अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। अभी इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है, लेकिन अगर कोर्ट का फैसला सरकार के खिलाफ गया, तो अमेरिका को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से डर में ट्रंप
सोमवार, 12 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने साफ तौर पर अपनी चिंता जाहिर की। ट्रंप ने लिखा कि अगर सुप्रीम कोर्ट यह फैसला दे देता है कि अमेरिका को इतने ज्यादा टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है, तो देश की आर्थिक हालत बहुत खराब हो सकती है।

 

पहले वसूला गया पैसा लौटाना पड़ेगा?
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि अगर कोर्ट का फैसला सरकार के खिलाफ गया, तो सरकार को अब तक वसूला गया टैरिफ वापस करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था फैल सकती है और सरकार को यह समझने में ही काफी समय लग जाएगा कि किसे, कब और कितना पैसा लौटाना है।

सैकड़ों अरब से खरबों डॉलर तक नुकसान की आशंका
डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, इस फैसले का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बहुत गहरा पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस पूरे मामले में अमेरिका को सैकड़ों अरब डॉलर, बल्कि संभव है कि खरबों डॉलर तक का नुकसान झेलना पड़े।

 

अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ट्रंप इस तरह के बयान देकर सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, ट्रंप सरकार के एकतरफा टैरिफ लगाने के अधिकार को अदालत में चुनौती दी गई है और इसी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

 

फैसला आया खिलाफ, तो सालों तक चलेगी गिनती
ट्रंप ने कोर्ट के फैसले से पहले ही अंदेशा जताते हुए लिखा कि अगर फैसला उनके पक्ष में नहीं आया, तो यह तय करने में कई साल लग जाएंगे कि कितना पैसा लौटाना है और किस देश को कितना देना है। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए एक बेहद जटिल और महंगा मामला बताया।

 

पैसा नहीं, निवेश के जरिए भरपाई की बात
अपने पोस्ट में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका दूसरे देशों को सीधे पैसा देने के बजाय उनसे निवेश करवाकर इस नुकसान की भरपाई करना चाहेगा। उनका कहना है कि दूसरे देश अमेरिका में फैक्ट्रियां लगाएं, प्लांट खोलें और निवेश करें—यही सही तरीका होगा।

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