इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (ISIS) के खिलाफ सीरिया में एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इस अभियान को ‘ऑपरेशन हॉकआई’ नाम दिया गया है। शनिवार को अमेरिकी सेना ने ISIS के कई ठिकानों, हथियार डिपो और ऑपरेशनल अड्डों पर हवाई हमले किए।
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यह कार्रवाई 13 दिसंबर को सीरिया के पल्मायरा इलाके में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई है। उस हमले में ISIS आतंकियों ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और सेना से जुड़े एक दुभाषिए की मौत हो गई थी। यह इस साल क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों पर हुआ सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ऑपरेशन हॉकआई का मुख्य उद्देश्य आईएसआईएस की सैन्य ताकत को कमजोर करना, उसके लड़ाकों को खत्म करना और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकना है। शुरुआती हमलों में कई ISIS आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि यह किसी बड़े युद्ध की शुरुआत नहीं है, बल्कि अमेरिकी सैनिकों की हत्या के बदले की गई जवाबी कार्रवाई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही इस हमले के बाद चेतावनी दी थी कि जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिलेगी। ऑपरेशन शुरू होने के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों को लगातार निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इस आतंकी संगठन का पूरी तरह से खात्मा हो जाता है, तो सीरिया के लिए भविष्य बेहतर हो सकता है।
व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया कि यह कार्रवाई विदेशों में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने के लिए एक मजबूत संदेश है। अमेरिकी प्रशासन ने यह भी बताया कि सीरियाई सरकार को इस अभियान की जानकारी दी गई है और वह क्षेत्र से आईएसआईएस को खत्म करने के प्रयासों का समर्थन कर रही है।
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ‘एक्स’ पर चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी समूह अमेरिकियों को निशाना बनाएगा, उसका अंत तय है। अमेरिकी सेना ISIS के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी और जरूरत पड़ी तो और कड़े कदम उठाए जाएंगे।

