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US Iran deal: शर्तें न पूरी हुई तो फाइनल एग्रीमेंट पर साइन नहीं करेगा ईरान: अराघची

US Iran deal

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US Iran deal: ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन में तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर लगे बैन में राहत और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति समेत कई मुद्दों पर बात होगी।

IRIB के अनुसार, अराघची ने कहा कि एग्रीमेंट में दो स्टेज हैं और पहले स्टेज में न्यूक्लियर मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई और इसे दूसरे फेज के लिए टाल दिया गया।उन्होंने आगे कहा कि अगर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के नियमों को पूरा नहीं किया जाता है तो फाइनल एग्रीमेंट पर साइन नहीं किया जाएगा। अराघची ने कहा, “एग्रीमेंट में पहली बात यह है कि US नेवल ब्लॉकेड हटा दिया जाए।”

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होर्मुज स्ट्रेट से वसूली जाएगी सर्विस फीस
IRIB ने ईरानी विदेश मंत्री के हवाले से कहा, “इंटरनेशनल कानून के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूलना मुमकिन नहीं है, लेकिन सर्विस फीस वसूली जाएगी। ईरान को मुआवजा देने का प्लान है।” अराघची ने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान की सॉवरेनिटी के तहत बना हुआ है, और कहा कि “होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य पहले जैसा नहीं होगा।” उन्होंने इशारा किया कि ईरान और ओमान जल्द ही इसके मैनेजमेंट पर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी करेंगे।

ईरान के अंदर होगा डाइल्यूशन
न्यूक्लियर मुद्दे पर उन्होंने कहा, “इस स्टेज पर हमने न्यूक्लियर मुद्दों पर बात नहीं की। हालांकि, एनरिच्ड मटीरियल के बारे में हमारी राय यह है कि अगर डाइल्यूशन होना है तो यह ईरान के अंदर होगा किसी दूसरे देश में नहीं।”

ईरान के एसेट्स नहीं रहेंगे फ्रीज
अराघची ने आगे कहा, “शुरुआती मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का टेक्स्ट 2 पेज का है। मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के मुताबिक ईरान का कोई भी फ्रीज किया हुआ एसेट्स फ्रीज नहीं रह सकता।”

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हिज़्बुल्लाह को अकेला नहीं छोड़ेगा ईरान
मेमोरेंडम में वॉशिंगटन-तेहरान रिश्ते में टकराव की दूसरी मुख्य वजहों पर भी बात होगी, जिसमें विदेश मंत्री के मुताबिक अमेरिका का यह लिखित भरोसा भी शामिल है कि वह “ईरान की सॉवरेनिटी का सम्मान करता है”। उन्होंने यह भी कहा, “हम लेबनान में हिज़्बुल्लाह को कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे और लेबनान में युद्ध के खत्म होने में सभी फ्रंट शामिल होंगे।”

यह तब हुआ जब अराघची ने कहा कि “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग इतना करीब कभी नहीं रहा”, जिससे पता चलता है कि यह फाइनल होने वाला है।

 

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