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ईरान ने खाड़ी क्षेत्रों में अमेरिका के 22 ठिकानों को बनाया निशाना, जॉर्डन में किए हमले

US Iran War

US Iran War

US Iran War: मध्य एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे सहित खाड़ी क्षेत्र के 22 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में की गई है।

अप्रैल में दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम के बाद यह अमेरिका और ईरान के बीच सबसे गंभीर सैन्य टकरावों में से एक माना जा रहा है।

अमेरिका के पांचवें बेड़े को भी बनाया गया निशाना
ईरानी हमलों का दायरा जॉर्डन के अलावा कुवैत और बहरीन तक फैला है। ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने बताया कि बहरीन स्थित अमेरिका के पांचवें बेड़े को भी निशाना बनाया गया है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक्स के जरिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया गया है। बाद में बहरीन के शाही दरबार के मीडिया सलाहकार ने कहा कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने ईरानी हमलों को विफल कर दिया।

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अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में किया गया हमला
इससे पहले अमेरिकी सेना (सेंटकॉम) ने बताया था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरान के वायु रक्षा तंत्र, नियंत्रण केंद्रों और निगरानी रडार ठिकानों पर कार्रवाई की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, यह हमला एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में किया गया।

ट्रंप ने इस पर एक इंटरव्यू में कहा, “हमारा जवाब बेहद मजबूत और प्रभावशाली होना चाहिए था, और यही हमने किया है।”

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही प्रभावित!
इस ताजा सैन्य टकराव ने उस संघर्ष को समाप्त करने की संभावनाओं पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों से हुई थी। इसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल एवं गैस मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया।

4 घंटे तक चली अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई लगभग चार घंटे तक चली। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, करीब 20 ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

लंबी दूरी की मिसाइलों से किए हमले
ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केश्म द्वीप और सीरिक बंदरगाह शहर पर भी हमले हुए। वहीं, बंदर अब्बास और जास्क के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में लंबी दूरी की मिसाइलों से चार प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें अल-अजराक एयर बेस पर एफ-35 लड़ाकू विमानों के ठिकाने और अमेरिकी कमांड सेंटर शामिल हैं।

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जॉर्डन ने हवा में मार गिराई मिसाइलें
हालांकि, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया और इस घटना में कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ। उधर, कुवैत की सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियां संदिग्ध हवाई लक्ष्यों पर नजर रख रही हैं। यह बयान उस समय आया जब ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम अमेरिकी सैन्य अड्डे को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है।

ईरान ने अमेरिका को चेताया
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े पर भी ड्रोन हमले का दावा किया और चेतावनी दी कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रही तो जवाब और अधिक सख्त होगा।

हमले का जवाब देगा ईरान
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “अमेरिका ने हमारे संकल्प की परीक्षा लेने का फैसला किया है। हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगी।”

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