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US Iran war: अमेरिका ने ईरान पर बरसाया बारूद, ट्रंप के आदेश के बाद हुआ तीसरा बड़ा सैन्य हमला

US Iran war

US Iran war

US Iran war: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ने लगा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले जहाज पर हमला किया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह जानकारी दी।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिका की सेना पूर्वी समय के अनुसार शाम 7.15 बजे (भारतीयी समयानुसार रविवार सुबह 4.45 बजे) हमले शुरू किए। कमांड ने बताया कि यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमांडर-इन-चीफ के तौर पर दिए गए आदेश के बाद शुरू किया गया।

हमले के बाद लापता हुआ नागरिक
सेंटकॉम के अनुसार, जहाज पर हमले के बाद एक नागरिक क्रू सदस्य लापता हो गया। आग लगने और इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचने के कारण जहाज बीच रास्ते में ही फंस गया। लापता क्रू सदस्य किस देश का नागरिक है, इसका भी खुलासा नहीं हुआ है। कमांड ने कहा, “एक नागरिक क्रू सदस्य लापता है और जहाज पर आग लगने व इंजन रूम को काफी नुकसान पहुंचने के कारण वह अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ है।”

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कंटेनर जहाज पर हमले के बाद की गई कार्रवाई
सेंटकॉम ने एक बयान में कहा, “आज शाम 7:15 बजे (ईटी), अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ इस हफ्ते हमलों का तीसरा दौर शुरू किया। यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेनाओं की ओर से होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज ‘एम/वी जीएफएस गैलेक्सी’ पर हमला करने के बाद की गई।”

नहीं सांझा की विस्तृत जानकारी
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने उन जगहों की पहचान नहीं बताई, जहां हमले किए गए। उसने यह भी नहीं बताया कि ऑपरेशन में किन हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

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तेहरान को दिया था मौका
अमेरिकी सेना ने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर पहले हुए हमलों के बाद तेहरान को समझौते के पालन करने का एक और मौका दिया गया था, लेकिन वह फिर से विफल रहा। सेंटकॉम ने कहा कि इस ताजा ऑपरेशन का मकसद होर्मुज में नागरिक नाविकों और कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।

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