इंटरनेशनल डेस्कः ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, खासकर समुद्री इलाकों में। अमेरिका ने ईरान के कुछ बंदरगाहों पर नाकेबंदी (ब्लॉकेड) लगा दी है, जिससे वहां आने-जाने वाले जहाजों पर असर पड़ रहा है। इस बीच खाड़ी क्षेत्र और पूरे मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। तनाव के बावजूद बातचीत के जरिए हालात संभालने की कोशिशें भी चल रही हैं। कई देशों के बीच बातचीत हो रही है ताकि युद्ध को रोका जा सके।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि हालात “काफी अच्छे तरीके से आगे बढ़ रहे हैं” और उन्हें उम्मीद है कि यह संकट जल्द खत्म हो सकता है।
अमेरिका की पहल पर इज़राइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम शुरू हो गया है। इसमें ईरान समर्थित संगठन Hezbollah भी शामिल है। हालांकि दोनों पक्षों ने यह भी कहा है कि अगर कोई हमला करता है तो वे जवाब देने का अधिकार रखते हैं।
ट्रंप के मुताबिक, Iran ने परमाणु हथियार न बनाने पर सहमति जताई है। साथ ही यह भी संकेत मिला है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को सौंप सकता है। इसे एक मजबूत और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि वे जल्द ही Israel और लेबनान के नेताओं से मिल सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर शांति समझौता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में तय होता है, तो वे वहां यात्रा कर सकते हैं।
हालांकि बातचीत हो रही है, लेकिन अमेरिका के सैनिक अभी भी पूरी तरह तैयार हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे अपने हथियार और संसाधन फिर से इकट्ठा कर रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि स्थिति अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है।
फ्रांस और ब्रिटेन लगभग 40 देशों की एक बड़ी बैठक कर रहे हैं। इस बैठक का मकसद यह दिखाना है कि कई देश Strait of Hormuz (होर्मुज़ जलडमरूमध्य) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने में मदद करने के लिए तैयार हैं, अगर हालात ठीक होते हैं।
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