वाशिंगटन: अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद ईरान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने चुनावी नतीजों को अमेरिकी जनता की ओर से युद्ध के खिलाफ दिए गए संदेश के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों ने साफ कर दिया है कि वे युद्ध नहीं चाहते।
गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘चाहे यह लोगों के जमीर की आवाज हो या महंगाई और जीवनयापन के बढ़ते खर्च का दबाव, अमेरिकियों ने युद्ध को ना कहा है और हम उनके इस संदेश का समर्थन करते हैं।’ उन्होंने अमेरिकी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने अपने लोगों की इच्छा के खिलाफ जाकर दूसरे देशों और ताकतवर समूहों के हितों को प्राथमिकता दी, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
डेमोक्रेट्स की जीत को ईरान ने युद्ध के खिलाफ संदेश बताया
अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनाव के नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी बढ़त हासिल की है। पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स यानी संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल किया है। इस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को कई ऐसे राज्यों में हार का सामना करना पड़ा, जिन्हें उसका मजबूत गढ़ माना जाता था। चुनावी नतीजों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार की नीतियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष, महंगाई, टैरिफ और बढ़ती कीमतें चुनाव के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। ईरान का मानना है कि अमेरिकी मतदाताओं ने अपने वोट के जरिए युद्ध के प्रति नाराजगी जाहिर की है। हालांकि, चुनावी नतीजों को केवल युद्ध के विरोध का जनादेश मानना सही नहीं होगा। आर्थिक परेशानियां और सरकार के कामकाज को लेकर नाराजगी भी मतदाताओं के फैसले में अहम रही।
ट्रंप बोले- डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को तैयार
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट्स को जीत की बधाई दी है। उन्होंने कहा कि वह देश के हित में विपक्षी पार्टी के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। सीबीएस न्यूज को फोन पर दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनका संदेश डेमोक्रेट्स के लिए साफ है। उन्होंने कहा, ‘डेमोक्रेट्स को बधाई। मैं अपने देश की भलाई के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।’
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके पास राष्ट्रपति के तौर पर वीटो पावर है। अगर डेमोक्रेट्स ऐसे कानून लाते हैं जिन्हें वह सही नहीं मानते, तो वह उन्हें मंजूरी देने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पार्टियां मिलकर काम नहीं करती हैं, तो वह कानूनों पर वीटो लगा सकते हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है।
चुनावी हार के लिए ट्रंप ने उम्मीदवारों को भी बताया जिम्मेदार
रिपब्लिकन पार्टी की हार पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर वह खुद चुनावी बैलेट पर होते, तो उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहतर हो सकता था। उन्होंने कहा कि कुछ रिपब्लिकन उम्मीदवार जनता के बीच लोकप्रिय नहीं थे, जबकि कुछ उम्मीदवारों को उनका समर्थन भी नहीं मिला। ट्रंप के मुताबिक, उनके समर्थक यह अच्छी तरह जानते थे कि किन उम्मीदवारों को उनका साथ मिला है और किन्हें नहीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद कई उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान
चुनावी हार के पीछे ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को भी एक वजह माना जा रहा है। इस मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला वही करेंगे। उन्होंने सीबीएस न्यूज से बातचीत में कहा, ‘ईरान के साथ युद्ध तब खत्म होगा, जब मैं कहूंगा कि यह खत्म हो गया है।’ ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान के साथ सैन्य तनाव और युद्ध को लेकर अमेरिका में लगातार बहस हो रही है। बढ़ती ईंधन कीमतों और आर्थिक दबाव के बीच इस संघर्ष का असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है।
डेमोक्रेट्स की जीत से ट्रंप की मुश्किलें बढ़ेंगी
अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने से ट्रंप प्रशासन के लिए आने वाले दो साल चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स को सरकार के कामकाज की जांच करने का अधिकार और अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। वे विभिन्न मुद्दों पर जांच समितियां बना सकते हैं, अधिकारियों को सुनवाई के लिए बुला सकते हैं और सरकार से जवाब मांग सकते हैं।
वहीं, सीनेट में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स को कानून बनाने की प्रक्रिया और राष्ट्रपति की ओर से किए जाने वाले महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर भी अधिक प्रभाव मिलेगा। इससे ट्रंप प्रशासन के लिए अपनी नीतियों और विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा।
ट्रंप ने वीटो वाली MAGA कैप की तस्वीर पोस्ट की
चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक खास तस्वीर भी साझा की। इसमें लाल रंग की MAGA कैप दिखाई गई, जिस पर ‘VETO’ लिखा हुआ था। इस पोस्ट को डेमोक्रेटिक बहुमत वाली कांग्रेस के साथ संभावित राजनीतिक टकराव के संकेत के रूप में देखा गया। ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि वह चुनाव में उम्मीदवारों की जीत और हार के कारणों का विश्लेषण करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह चुनावी नतीजों को स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।
रिपब्लिकन के मजबूत राज्यों में भी डेमोक्रेट्स की जीत
इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने टेक्सास, साउथ कैरोलिना और कंसास जैसे राज्यों में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। इन राज्यों में लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत प्रभाव रहा है। कंसास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की जीत करीब एक सदी पुराने रिपब्लिकन दबदबे के लिए बड़ा बदलाव मानी जा रही है। वहीं, टेक्सास में भी डेमोक्रेट्स ने सीनेट सीट जीतकर सबका ध्यान खींचा।
फॉक्स न्यूज के चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, युवा मतदाताओं, स्वतंत्र मतदाताओं, ग्रामीण इलाकों के वोटरों और हिस्पैनिक समुदाय के लोगों के बीच रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन कमजोर हुआ। महंगाई, टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध, राष्ट्रपति के कामकाज और निजी हितों को लेकर उठे सवाल मतदाताओं की नाराजगी की प्रमुख वजहों में शामिल रहे।
बताते चलें कि, 2026 के मिडटर्म चुनाव ने अमेरिकी राजनीति की तस्वीर बदल दी है। डेमोक्रेट्स की जीत से ट्रंप प्रशासन पर संसद की निगरानी बढ़ेगी। वहीं, ईरान ने इन नतीजों को अपने पक्ष में युद्ध के खिलाफ अमेरिकी जनता का संदेश बताकर पेश किया है। अब आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनाव पर इस राजनीतिक बदलाव का क्या असर पड़ता है।

