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‘मुझे न नोबेल मिलेगा, न क्रेडिट’… भारत-पाकिस्तान जंग को लेकर फिर क्यों छलका डोनाल्ड ट्रंप का दर्द?

Donald Trump

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इच्छा शांति का नोबेल पुरस्कार हासिल करने की है। ट्रंप दावा करते हैं कि उन्होंने दुनिया में कई मोर्चों पर लड़ाइयां रुकवाई हैं। कई देशों में शांति की स्थापना करवाई है। इसलिए वे नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं। ट्रंप हाल में हुए भारत और पाकिस्तान के बीच हमलों का जिक्र भी करते हैं। ट्रंप का मानना है कि वे शांति के दूत हैं।

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो लड़ाई उन्होंने रुकवाई है, इसके बाद भी उनको नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। बता दें कि ट्रंप के जंग रुकवाने के दावों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी का रिएक्शन सामने आया था। मोदी ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर में अमेरिका की किसी भी प्रकार की मध्यस्थता से इनकार कर दिया था।

सोशल मीडिया पर बोले ट्रंप

ट्रंप की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट अपलोड किया गया है। इसमें लिखा है कि भारत, पाकिस्तान की जंग रुकवाने के बावजूद उनको शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिलेगा। वे चाहे जो कुछ भी कर लें, उनको नोबेल नहीं मिलेगा।

पोस्ट में 6 बार पुरस्कार का जिक्र

खास बात है कि इस पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने शांति के नोबेल पुरस्कार का 6 बार जिक्र किया है। उन्होंने भारत-पाकिस्तान जंग रुकवाने के अलावा कॉन्गो और रवांडा के बीच संधि, कोसोवो और सर्बिया के बीच सीजफायर का जिक्र किया है।

इसके अलावा ट्रंप ने इथियोपिया और मिस्र के बीच शांति बहाली, रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-ईरान जंग और मिडिल ईस्ट का जिक्र करते हुए खुद के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की। इसके बाद ट्रंप कहते हैं कि वे चाहें कुछ भी कर लें, उनको नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा।

ट्रंप कई बार कर चुके हैं दावा

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने सीजफायर करवाया था। वहीं, भारत सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि सीजफायर में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। सीजफायर सिर्फ और सिर्फ पड़ोसी देश पाकिस्तान के आग्रह पर किया गया था।

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