USA VS iran War: इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया है। खबरों के मुताबिक, यह हमला एक साथ तेहरान की करीब 30 अलग-अलग जगहों पर किया गया। इस कार्रवाई में अमेरिका के आधुनिक एफ-22 रैप्टर लड़ाकू विमान भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि कई ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से भी निशाना साधा गया। हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।
ईरान का पलटवार: इजरायल पर मिसाइलें दागीं
अमेरिकी-इज़रायली हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने इज़रायल पर 30 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन हमलों के बाद कई इलाकों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कुछ जगहों पर ऊंची इमारतों के पास धुआं उठता देखा गया, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हिजबुल्लाह भी जंग में शामिल
बताया जा रहा है कि यमन और लेबनान से हिज़बुल्लाह ने भी ईरान का साथ देते हुए संघर्ष में हिस्सा लिया है। इससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले
ईरान ने बहरीन, कतर, यूएई, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया। कतर में अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकाने को खाली करा लिया है। यूएई में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक अड्डे को भी निशाना बनाया गया। कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस पर भी हमले की खबरें हैं। इन हमलों के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
यूएई ने बंद किया अपना एयरस्पेस
ईरान के जवाबी हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने एहतियात के तौर पर अपना हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) बंद कर दिया है। इससे कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ सकता है।
बहरीन के अमेरिकी बेस को भारी नुकसान
ईरानी हमले के बाद बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को काफी नुकसान पहुंचने की खबर है। वीडियो और तस्वीरों में बड़े पैमाने पर तबाही देखी जा सकती है।
‘ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे’
हमले के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु शक्ति नहीं बनने दिया जाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका के कई प्रस्ताव ठुकरा दिए थे और हमला करना आखिरी विकल्प था। उन्होंने यह भी कहा कि “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” शुरू किया गया है, जिसके तहत ईरान के फोर्दो और इस्फहान जैसे अहम ठिकानों पर हमला किया गया। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता को अब हथियार डाल देने चाहिए, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
ईरान में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी है। यह निर्देश पहले भी जारी किया गया था, लेकिन अब दोबारा सख्ती से कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक अभी भी ईरान में हैं, वे तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं या देश छोड़ दें।

