नेशनल डेस्क: दुनिया भर में इस समय कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कई देशों में युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई संकट के कारण पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं। भारत समेत कई बड़े देशों में आम लोगों पर ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ रहा है, लेकिन इन सबके बीच दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं, जहां आज भी लोगों को बेहद कम कीमत पर पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। खासतौर पर वेनेजुएला और ईरान ऐसे देश हैं, जहां सरकार अपने नागरिकों को भारी सब्सिडी देकर सस्ता ईंधन मुहैया कराती है। हालांकि इसके लिए कुछ नियम और सीमाएं भी तय की गई हैं।

वेनेजुएला में बेहद कम दाम
दक्षिण अमेरिकी देश Venezuela दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में गिना जाता है। यहां सरकार लंबे समय से नागरिकों को सब्सिडी वाला पेट्रोल देती आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वहां आम नागरिकों को तय सीमा तक पेट्रोल लगभग 10 रुपये प्रति लीटर के आसपास पड़ता है। यह कीमत भारत जैसे देशों की तुलना में काफी कम है।
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‘फादरलैंड कार्ड’ जरूरी
वेनेजुएला में सस्ते पेट्रोल का लाभ हर किसी को नहीं मिलता। इसके लिए नागरिकों के पास सरकार द्वारा जारी विशेष पहचान पत्र होना जरूरी है, जिसे ‘फादरलैंड कार्ड’ कहा जाता है। इसी कार्ड के जरिए सरकार यह तय करती है कि किस व्यक्ति ने कितना पेट्रोल खरीदा है और उसे कितनी सब्सिडी मिलेगी।
हर महीने तय है पेट्रोल का कोटा
सरकार ने पेट्रोल खरीदने की एक सीमा भी तय कर रखी है। नियम के मुताबिक, कोई नागरिक यदि महीने में 120 लीटर तक पेट्रोल खरीदता है, तो उसे बेहद कम कीमत पर ईंधन मिलता है। आमतौर पर एक सामान्य परिवार या कार उपयोग करने वाला व्यक्ति महीने में लगभग इतनी ही मात्रा में पेट्रोल खर्च करता है। इसलिए अधिकतर लोगों को सस्ती दरों का फायदा मिल जाता है।
सीमा पार करते ही बढ़ जाती है कीमत
अगर कोई व्यक्ति 120 लीटर से ज्यादा पेट्रोल खरीदता है, तो अतिरिक्त मात्रा के लिए उसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। कोटा खत्म होने के बाद पेट्रोल की कीमत अंतरराष्ट्रीय दरों के करीब पहुंच जाती है। ऐसे में अतिरिक्त पेट्रोल लगभग 0.50 अमेरिकी डॉलर प्रति लीटर तक मिल सकता है। भारतीय मुद्रा में यह करीब 50 रुपये प्रति लीटर के आसपास बैठता है।
ईरान में सस्ता है पेट्रोल
मध्य पूर्व का देश Iran भी अपने नागरिकों को सब्सिडी वाला पेट्रोल उपलब्ध कराता है। तेल उत्पादन में मजबूत होने के कारण वहां सरकार लंबे समय से ईंधन पर राहत देती रही है। ईरान में पेट्रोल की कीमत स्लैब सिस्टम के तहत तय की गई है यानी अलग-अलग मात्रा पर अलग-अलग दरें लागू होती हैं।
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शुरुआती 60 लीटर बेहद सस्ता
ईरान की व्यवस्था के अनुसार, हर नागरिक को हर महीने शुरुआती 60 लीटर पेट्रोल बहुत कम कीमत पर मिलता है। इस श्रेणी में पेट्रोल की कीमत लगभग 15,000 ईरानी रियाल प्रति लीटर रखी गई है। भारतीय रुपये में देखें तो यह करीब 1 से 1.5 रुपये प्रति लीटर के आसपास बैठता है। दुनिया के कई देशों की तुलना में यह बेहद कम कीमत मानी जाती है।
फिर लागू होता है दूसरा स्लैब
पहले 60 लीटर के बाद अगले 100 लीटर तक पेट्रोल की कीमत थोड़ी बढ़ जाती है। दूसरे स्लैब में इसकी दर लगभग 30,000 रियाल प्रति लीटर होती है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से यह करीब 2 से 3 रुपये प्रति लीटर के बीच पड़ता है, जो फिर भी बाकी देशों की तुलना में काफी सस्ता है।
आखिर इतना सस्ता कैसे है पेट्रोल
वेनेजुएला और ईरान दोनों ही बड़े तेल उत्पादक देश हैं। इन देशों की सरकारें अपने नागरिकों को राहत देने के लिए ईंधन पर भारी सब्सिडी देती हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक इतनी ज्यादा सब्सिडी देना सरकारों के लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। इसलिए दोनों देशों ने कोटा और स्लैब सिस्टम लागू किया है, ताकि जरूरत के हिसाब से ही सस्ता पेट्रोल उपलब्ध कराया जा सके।
भारत से कितना अंतर?
भारत में पेट्रोल की कीमतें टैक्स, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दर और परिवहन लागत पर निर्भर करती हैं। वहीं वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों में सरकार सीधे राहत देकर कीमतों को काफी कम बनाए रखती है। इसी वजह से वहां आम लोगों को पेट्रोल भारत की तुलना में कई गुना सस्ता मिलता है।