इंटरनेशनल डेस्क। वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लगभग 24 घंटे पूरे होने वाले हैं। इसी बीच देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पहली झलक सामने आई है। अमेरिकी सेना ने उनका एक वीडियो जारी किया है, जिसमें मादुरो अधिकारियों से बात करते हुए नजर आ रहे हैं। जारी किए गए वीडियो में साफ दिखाई देता है कि 63 वर्षीय निकोलस मादुरो के हाथों में हथकड़ी लगी हुई है। उन्होंने काले रंग की हुडी वाली स्वेटशर्ट पहन रखी है। यह वीडियो न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के मुख्यालय के अंदर का बताया जा रहा है। वीडियो में फर्श पर नीले रंग का कालीन दिख रहा है, जिस पर “DEA NYD” लिखा हुआ है।
Perp walked.pic.twitter.com/34iIsFUDdG
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) January 4, 2026
अधिकारियों से बोले ‘गुड नाइट’ और ‘हैप्पी न्यू ईयर’
वीडियो में मादुरो अमेरिकी अधिकारियों के बीच चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान वे सभी से अंग्रेजी में “गुड नाइट” और “हैप्पी न्यू ईयर” कहते हुए आगे बढ़ते नजर आते हैं। यह वीडियो अमेरिका की Rapid Response 47 नाम की यूनिट द्वारा शेयर किया गया है।
न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर भी दिखे मादुरो
इससे पहले न्यूयॉर्क के एक अमेरिकी सैन्य अड्डे से भी मादुरो का एक और वीडियो सामने आया था। उस वीडियो में उन्हें हवाई जहाज से उतरते हुए देखा गया था। इससे यह साफ हो गया कि मादुरो को वेनेजुएला से सीधे अमेरिका लाया गया है।

मादुरो और पत्नी पर गंभीर आरोप
अमेरिका ने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों पर नार्को आतंकवाद, अमेरिका में कोकीन की तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई जैसे आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि मादुरो सरकार ड्रग माफिया नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।
‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत हुई कार्रवाई
अमेरिका ने इस पूरी सैन्य कार्रवाई को “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नाम दिया है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में 150 से ज्यादा लड़ाकू विमान भेजे और सिर्फ 30 मिनट के भीतर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस दौरान राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया और तुरंत अमेरिका लाया गया।
ब्रुकलिन की फेडरल जेल में भेजे गए मादुरो
DEA मुख्यालय से मादुरो को अब न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित फेडरल जेल में भेज दिया गया है। वहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। माना जा रहा है कि इस मामले में अमेरिका जल्द ही औपचारिक मुकदमा शुरू कर सकता है।