चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 14 जुलाई को देश की राजधानी पेइचिंग में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।
वांग यी ने इस बात पर जोर दिया कि चीन और रूस हमेशा ऐतिहासिक, रणनीतिक और दूरगामी दृष्टिकोण से दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को देखते और बढ़ावा देते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों विदेश मंत्रियों के बीच घनिष्ठ संपर्क बनाए रखना दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच बनी सहमतियों को समय पर लागू करने के लिए अत्यंत लाभकारी है।
वांग यी ने बताया कि वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण कार्य अगले चरण की उच्च-स्तरीय वार्ताओं की तैयारी करना, सर्वांगीण रणनीतिक समन्वय को गहरा करना, अपने-अपने देशों के विकास और पुनरुत्थान को बढ़ावा देना, और मिलकर एक अस्थिर तथा परिवर्तनशील विश्व में आने वाली चुनौतियों का सामना करना है।
इसके अलावा, वांग यी ने इस बात पर भी जोर दिया कि चीन, रूस और शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर थ्येनचिन शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक तैयारी करने के लिए उत्सुक है, ताकि एससीओ के निर्माण को एक नए स्तर पर ले जाया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दोनों पक्षों को द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ मनाने के लिए सिलसिलेवार गतिविधियों का सफलतापूर्वक आयोजन करना चाहिए।
वहीं, रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने भी वांग यी की बातों से सहमति व्यक्त की और कहा कि रूस चीन के साथ दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने और द्विपक्षीय संबंधों में निरंतर नई उपलब्धियाँ हासिल करने के लिए उत्सुक है। लावरोव ने आगे कहा कि रूस चीन के एससीओ अध्यक्ष देश के रूप में किए जा रहे कार्यों का पूर्ण समर्थन करेगा और द्वितीय विश्व युद्ध के सही ऐतिहासिक वर्णन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)