इंटरनेशनल डेस्क: चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 31 मार्च को राजधानी पेइचिंग में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ मुलाकात की और वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुठभेड़ आदि मुद्दों पर गहन रूप से चर्चा की।
इस मौके पर वांग यी ने कहा कि पाकिस्तान ने हाल में इस्लामाबाद में चार पक्षीय विदेश मंत्री सम्मेलन का आयोजन किया। उसके बाद जल्द ही वे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव शिथिल करने के लिए पेइचिंग आए। चीन इसका स्वागत करता है। शांति और युद्धविराम बढ़ाने में पाकिस्तान की मध्यस्थता से क्षेत्रीय व विश्व शांति बनाए रखने का दृढ़ संकल्प जाहिर हुआ। चीन और पाकिस्तान ने समय पर अहम अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर रणनीतिक संपर्क किया। यह चीन-पाकिस्तान साझे भविष्य वाले समुदाय को प्रतिबिंबित करता है। चीन शांति वार्ता बहाल करने में पाकिस्तान की भूमिका का समर्थन करता है। यह प्रक्रिया आसान नहीं है, लेकिन पाकिस्तान का प्रयास विभिन्न पक्षों के समान हित के अनुरूप है।
वांग यी ने कहा कि इस साल चीन और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है। दोनों पक्षों को नेताओं के बीच संपन्न अहम सहमतियों का कार्यान्वयन कर उच्च स्तरीय आदान-प्रदान घनिष्ठ बनाने के साथ आपसी रणनीतिक विश्वास व व्यवहारिक सहयोग बढ़ाना चाहिए, ताकि चीन-पाकिस्तान साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ सके।
वहीं, इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच मित्रता मूल्यवान है। पाकिस्तान चीन के साथ व्यापक सहयोग मजबूत करना चाहता है, ताकि पाकिस्तान-चीन सभी मौसमों के अनुरूप रणनीतिक साझेदारी लगातार बढ़ सके। पाकिस्तान और चीन दोनों क्षत्रीय शांति और स्थिरता कायम रखने में जुटे हैं। पाकिस्तान चीन के साथ संपर्क और समन्वय मजबूत कर शीघ्र ही शांति वार्ता बढ़ाना चाहता है, ताकि क्षेत्रीय शांति बहाल हो सके।
उधर, दोनों पक्षों ने खाड़ी और मध्य-पूर्व क्षेत्र में स्थिति पर विचार-विमर्श किया और निम्न पहल प्रस्तुत की।
पहली, शीघ्र ही शत्रुतापूर्ण कार्रवाई बंद करें। चीन और पाकिस्तान ने शीघ्र ही युद्धविराम करने और मुठभेड़ का फैलाव रोकने की अपील की। मानवीय राहत सामग्री को युद्धग्रस्त क्षेत्रों तक पहुंचाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
दूसरी, शीघ्र ही शांति वार्ता शुरू करें। ईरान और खाड़ी देशों की प्रभुसत्ता, प्रादेशिक अखंडता, राष्ट्रीय स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा की जानी चाहिए। वार्ता और कूटनीति मुठभेड़ का समाधान करने का एकमात्र रास्ता है। चीन और पाकिस्तान संबंधित पक्षों के बीच वार्ता शुरू होने का समर्थन करते हैं। विभिन्न पक्षों को शांतिपूर्ण तरीके से विवाद का निपटारा करने का वचन देना चाहिए। वार्ता के दौरान मुठभेड़ के संबंधित पक्षों को बल का प्रयोग नहीं करना चाहिए या धमकी नहीं देनी चाहिए।
तीसरी, गैर सैन्य ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाय। सैन्य मुठभेड़ में आम लोगों की रक्षा का सिद्धांत नहीं तोड़ा जाना चाहिए। चीन और पाकिस्तान ने मुठभेड़ के संबंधित पक्षों से शीघ्र ही आम लोगों और गैर सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमला बंद करने की अपील की। अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन कर ऊर्जा व बिजली समेत अहम बुनियादी संस्थापनों और परमाणु संयंत्रों पर हमले बंद करने चाहिए।
चौथी, जल मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करें। होर्मुज़ और इसके आसपास के समुद्री क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय माल और ऊर्जा व्यापार का महत्वपूर्ण रास्ता हैं। चीन और पाकिस्तान ने यहां पर रुके जहाज़ों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
पांचवीं, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुख्य स्थान को सुनिश्चित किया जाय। चीन और पाकिस्तान का मानना है कि सच्चे बहुपक्षवाद का पालन कर यूएन की अहम भूमिका मजबूत करनी होगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

