इंटरनेशनल डेस्क: ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे तनाव को अब 39 दिन हो चुके हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (तेल सप्लाई का अहम रास्ता) को नहीं खोला और युद्ध रोकने के लिए सीज़फायर (युद्धविराम) पर सहमति नहीं दी, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट, पुल और जरूरी ढांचे को निशाना बनाकर तबाह कर सकता है। उन्होंने इसके लिए एक तय समय (डेडलाइन) भी दिया है। ट्रंप का यह भी कहना है कि अमेरिका चाहे तो “एक ही रात में ईरान को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।”
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ट्रंप की इस धमकी पर ईरान की सेना ने कड़ा जवाब दिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाघारी ने कहा कि ट्रंप की यह भाषा घमंड और गलत सोच को दिखाती है। यही बयानबाजी इस युद्ध को और बढ़ा रही है। अमेरिका अपनी सैन्य नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसी बातें कर रहा है। इन धमकियों का ईरान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने ऑपरेशन जारी रखेगा और अमेरिका व इज़रायल के हर कदम का जवाब देगा।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ ने भी संकेत दिया है कि ईरान पर बड़ा हमला हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि ईरान के पावर प्लांट तेल भंडार और अहम पुल को निशाना बनाया जा सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देश एक-दूसरे को खुली धमकियां दे रहे हैं। फिलहाल युद्ध रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे। यह स्थिति पूरे मिडिल ईस्ट में बड़ी अस्थिरता पैदा कर सकती है।
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