Trump China visit: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के चीन दौरे ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ उनकी मुलाकात को सिर्फ एक राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति के बड़े मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। दुनिया भर के राजनीतिक विशेषज्ञ, आर्थिक संस्थाएं और आम लोग इस दौरे को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कोई इसे अमेरिका-चीन तनाव कम करने की कोशिश बता रहा है, तो कोई इसे शक्ति प्रदर्शन और नई वैश्विक रणनीति का हिस्सा मान रहा है।

दुनिया की सबसे बड़ी चिंता?
अमेरिका और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध, ताइवान मुद्दा, टेक्नोलॉजी प्रतिबंध और सैन्य तनाव लगातार बढ़े हैं। ऐसे में ट्रंप का चीन दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ‘दोस्ती’ से ज्यादा ‘तनाव को नियंत्रित करने’ की कोशिश है।
IMF ने क्या कहा?
International Monetary Fund ने अमेरिका और चीन के बीच बातचीत का स्वागत किया है। IMF के मुताबिक अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।
चीन में लोगों की सोच कैसी है?
चीनी जनता और सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग मानते हैं कि ट्रंप का दौरा रिश्तों में सुधार ला सकता है, जबकि कई लोग अमेरिका पर भरोसा नहीं कर रहे। चीन में बढ़ते राष्ट्रवाद के कारण ट्रंप को लेकर संदेह भी काफी दिखाई दे रहा है।
भारत क्यों चिंतित है?
भारत में रणनीतिक विशेषज्ञ इस दौरे को बहुत करीब से देख रहे हैं। उनका मानना है कि अगर अमेरिका और चीन के रिश्ते बेहतर होते हैं, तो एशिया में भारत की रणनीतिक अहमियत कुछ हद तक कम हो सकती है।
ट्रंप और शी जिनपिंग की बॉडी लैंग्वेज पर भी चर्चा
दुनिया भर के मीडिया ने दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान गर्मजोशी और दोस्ताना माहौल पर ध्यान दिया। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि 2017 की तुलना में इस बार ट्रंप और शी जिनपिंग ज्यादा सहज दिखाई दिए।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
इस दौरे में कई बड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। जिसमें ईरान संघर्ष भी एक खास मुद्दा रहा। इस दौरान Donald Trump ने कहा कि शी ने उन्हें बताया कि चीन युद्ध को खत्म करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए बातचीत में मदद करना चाहता है।
ये मुद्दे रहे प्रमुख
• व्यापार और टैरिफ
• ताइवान विवाद
• आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
• ईरान और मध्य पूर्व संकट
• रूस-यूक्रेन युद्ध
• टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सप्लाई
क्या दुनिया इस दौरे को सकारात्मक मान रही है?
इस दौरे को लेकर दुनिया की राय पूरी तरह एक जैसी नहीं है। जैसे पश्चिमी देशों में इसे “तनाव कम करने की कोशिश” माना जा रहा है। चीन में इसे “शी जिनपिंग की कूटनीतिक जीत” कहा जा रहा है। भारत और एशियाई देशों में इसे सावधानी से देखा जा रहा है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ अस्थायी सुधार है, स्थायी समाधान नहीं।