चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने हाल ही में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के 14वें सत्र के चौथे पूर्णाधिवेशन में प्रस्तुत सरकारी कार्य-रिपोर्ट में मज़बूत घरेलू बाज़ार के निर्माण पर विशेष ज़ोर दिया। वर्ष 2026 के लिए केंद्रीय सरकार के प्रमुख कार्यों में इस लक्ष्य को पहले स्थान पर रखा गया है। इस विषय को जो महत्व दिया गया है, वह अभूतपूर्व माना जा रहा है और इसने देश-विदेश में व्यापक ध्यान आकर्षित किया है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार चीन के मज़बूत घरेलू बाज़ार के निर्माण के दो मुख्य पहलू हैं। पहला, उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्रवाइयों को गहराई से लागू किया जाएगा, ताकि उपभोग में सतत वृद्धि सुनिश्चित हो सके। दूसरा, प्रभावी निवेश की संभावनाओं को पूरी तरह खोला जाएगा। निवेश का ध्यान नई प्रकार की उत्पादक शक्तियों, नए प्रकार के शहरीकरण और मानव के समग्र विकास पर केंद्रित रहेगा। इसके साथ ही बाज़ार की नेतृत्वकारी भूमिका के माध्यम से प्रभावी निवेश वृद्धि को और मज़बूत किया जाएगा।
स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि मज़बूत घरेलू बाज़ार को प्राथमिकता देने से स्पष्ट होता है कि चीन आर्थिक ढाँचे के समायोजन को दृढ़ता से आगे बढ़ा रहा है। घरेलू माँग के विस्तार पर टिके रहकर देश अपनी आंतरिक संचालक शक्ति को लगातार मज़बूत कर रहा है और आर्थिक विकास की बागडोर अपने हाथों में सुदृढ़ रूप से बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। इससे दीर्घकालिक, सतत और स्थिर आर्थिक विकास सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
पिछले कुछ वर्षों में चीन की आर्थिक वृद्धि में उपभोग का योगदान लगातार बढ़ा है और यह आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बन चुका है, जिसने निवेश और शुद्ध निर्यात को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, प्रमुख विकसित देशों की तुलना में सकल घरेलू उत्पाद में चीन के उपभोग का अनुपात अभी भी अपेक्षाकृत कम है। वर्तमान में चीन में नागरिक उपभोग का अनुपात लगभग 40 प्रतिशत है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका में यह लगभग 67 प्रतिशत है। यूरोपीय संघ के अधिकांश सदस्य देशों में यह अनुपात 70 प्रतिशत से अधिक है और जापान में लगभग 58 प्रतिशत है।
इस दृष्टि से देखा जाए तो चीन में नागरिक उपभोग के विस्तार की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। इसी कारण चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा में नागरिक उपभोग दर को स्पष्ट रूप से बढ़ाना आने वाले पाँच वर्षों के आर्थिक और सामाजिक विकास के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल किया गया है। सरकारी कार्य-रिपोर्ट में उपभोग पर दिया गया ज़ोर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मजबूत घरेलू बाज़ार का निर्माण वास्तव में चीन की जन-केंद्रित विकास अवधारणा का भी क्रियान्वयन है। चीन में आर्थिक विकास का अंतिम उद्देश्य जनता की बढ़ती भौतिक और सांस्कृतिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। मज़बूत घरेलू बाज़ार के निर्माण से विकास में मौजूद असंतुलन और अपर्याप्तता से जुड़े वर्तमान प्रश्नों का समाधान संभव होगा। इससे आम लोगों को अधिक गुणवत्तापूर्ण वस्तुएँ और सेवाएँ उपलब्ध होंगी और बेहतर जीवन की उनकी आकांक्षाओं को निरंतर पूरा किया जा सकेगा।
चीनी राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के अध्यक्ष चंग शानच्ये ने एनपीसी के वार्षिक सम्मेलन के एक समाचार ब्रीफ़िंग में बताया कि चीन इस वर्ष जल-नेटवर्क, बिजली-नेटवर्क, कम्प्यूटिंग-नेटवर्क, नई प्रकार की दूरसंचार प्रणालियों, शहरी भूमिगत पाइप नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा यातायात, उपभोग, शिक्षा और चिकित्सा जैसी सार्वजनिक सेवा अवसंरचनाओं में लगभग 70 खरब युआन का निवेश करेगा। इससे आम लोगों के उत्पादन और जीवन-पर्यावरण में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि चीन का मज़बूत घरेलू बाज़ार विश्व के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ उसका गहरा संबंध है। घरेलू माँग की प्रमुख भूमिका पर ज़ोर देने के साथ-साथ चीन घरेलू चक्र और अंतरराष्ट्रीय चक्र के परस्पर जुड़ाव पर भी कायम है। चीन के आर्थिक ढाँचे में होने वाले सुधारों से निश्चय ही विश्व के सामने नए अवसर उभरेंगे।
सबसे पहले, चीन के मज़बूत घरेलू बाज़ार के निर्माण के साथ अधिक गुणवत्तापूर्ण विदेशी वस्तुओं के लिए चीन में प्रवेश के अवसर बढ़ेंगे। वर्ष 2025 में चीन के आयात का पैमाना 18.5 खरब युआन तक पहुँच गया। चीन लगातार 17 वर्षों से विश्व का दूसरा सबसे बड़ा आयात बाज़ार बना हुआ है और लगभग 80 देशों के प्रमुख निर्यात का गंतव्य भी है।
चीन के सीमा-शुल्क प्रशासन की महानिदेशक सुन मेइचुन ने इस वर्ष जनवरी में आयोजित राष्ट्रीय सीमा-शुल्क कार्य सम्मेलन में स्पष्ट कहा कि 15वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि में चीन निर्यात को बढ़ाने के साथ-साथ आयात के विस्तार को भी प्रोत्साहित करेगा। इसी क्रम में चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने भी हाल ही में घोषणा की है कि वर्ष 2026 में 100 से अधिक प्रकार की आयात-संवर्द्धन गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, “चीन में निर्यात” नामक ब्रांड को आगे बढ़ाया जाएगा और व्यावहारिक कदमों के माध्यम से आयात को और बढ़ावा दिया जाएगा।
दूसरी ओर, चीनी बाज़ार के वातावरण में सुधार और विशाल घरेलू माँग के क्रमिक विस्तार के साथ वैश्विक पूँजी, तकनीक और प्रतिभा जैसे उत्कृष्ट संसाधन भी चीन की ओर आकर्षित होंगे। इससे विदेशी निवेशकों के लिए व्यापक अवसर पैदा होंगे। विश्लेषकों के अनुसार मज़बूत घरेलू बाज़ार का निर्माण नए विकास चरण में चीनी अर्थव्यवस्था की एक अनिवार्य रणनीतिक दिशा है। यह देश और विदेश के वातावरण में आए गहरे परिवर्तनों, बड़े देशों के आर्थिक विकास के नियमों और चीन की वास्तविक आवश्यकताओं पर आधारित है। यह कोई अस्थायी उपाय नहीं, बल्कि चीनी आधुनिकीकरण की एक रणनीतिक आधारशिला है। इससे चीन और विश्व की अर्थव्यवस्था में नई जीवंतता आएगी तथा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में अधिक स्थिरता और निश्चितता का संचार होगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)