US Iran Peace Talks fails in Islamabad : अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक लंबी शांति वार्ता हुई, लेकिन इसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वापस लौट गया। इस वार्ता में अमेरिका की सबसे अहम शर्त यह थी कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए। लेकिन इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई।
ईरान का आया सख्त बयान
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बातचीत के बाद कहा अमेरिका को “ज्यादा मांगें” और “गैर-कानूनी शर्तें” रखना बंद करना चाहिए। ईरान अमेरिका के पुराने वादे तोड़ने और उसके गलत कामों को नहीं भूला है। ईरान ने यह भी कहा कि वह अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
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होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण
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ईरान का परमाणु कार्यक्रम
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ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाना
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ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ युद्ध खत्म करना
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फ्रीज की गई संपत्ति (जमा धन) को वापस करना
होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव
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ईरान ने साफ कहा कि यह समुद्री रास्ता सिर्फ नियमों के अनुसार गैर-सैन्य जहाजों के लिए है।
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ईरान की नौसेना ने अमेरिकी सैन्य जहाजों के गुजरने की खबरों को गलत बताया।
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उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई सैन्य जहाज जबरन आने की कोशिश करेगा, तो सख्ती से जवाब दिया जाएगा।
बातचीत क्यों टूट गई?
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यूरेनियम (परमाणु सामग्री) पर मतभेद
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होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर विवाद
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प्रतिबंध हटाने और संपत्ति लौटाने पर सहमति न बनना
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अमेरिका की शर्तों को ईरान ने “अवैध” बताया
आगे क्या होगा?
ईरान ने साफ कर दिया है कि अभी अमेरिका के साथ आगे कोई नई बातचीत की योजना नहीं है। इस्माइल बघाई ने कहा ईरान ने अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी ताकत लगाई। बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दूसरा पक्ष ईमानदारी दिखाए और ज्यादा शर्तें न रखे।
पाकिस्तान का किया धन्यवाद
ईरान ने इस बातचीत की मेजबानी करने के लिए पाकिस्तान सरकार और वहां के लोगों का आभार भी जताया।

