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हम दक्षिण चीन सागर में अशांति फैलाने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे: चीनी रक्षा मंत्रालय

China News

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28 फरवरी की दोपहर को, चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता, वरिष्ठ कर्नल ज्यांग शियाओकांग ने हाल ही में सैन्य मामलों से संबंधित जानकारी जारी की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलीपींस, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में ह्वांगयेन द्वीप के पास के हवाई क्षेत्र और जलक्षेत्र में तथाकथित “संयुक्त गश्त” की। अमेरिका और फिलीपींस ने एक रणनीतिक वार्ता की, जिसमें कहा गया कि दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों का क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र और यहां तक ​​कि व्यापक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

इसकी चर्चा में प्रवक्ता ज्यांग शियाओकांग ने कहा कि अमेरिका जैसे इस क्षेत्र से बाहर के देश अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने और जानबूझकर अशांति पैदा करने के लिए दूर दूर से दक्षिण चीन सागर आये हैं, जो तनाव और अराजकता का स्रोत है। फिलीपींस ने बार-बार चीन के अधिकारों का उल्लंघन किया है और उकसाया है, जिससे इस क्षेत्र के देशों के साझा हितों को नुकसान पहुंचा है। फिलीपींस एक सर्वथा उपद्रवी और शांति भंग करने वाला देश है। दक्षिण चीन सागर में स्थित द्वीपों और उनके निकटवर्ती जलक्षेत्रों पर चीन की निर्विवाद संप्रभुता है, और संबंधित जलक्षेत्रों पर चीन के संप्रभु अधिकार और क्षेत्राधिकार हैं।

अमेरिका द्वारा हाल ही में बार-बार चीन पर परमाणु विस्फोट परीक्षण करने के आरोप लगाने के संबंध में ज्यांग शियाओकांग ने कहा अमेरिका की ये टिप्पणियां पूरी तरह निराधार हैं। चीन परमाणु हथियारों के मामले में ‘पहले प्रयोग न करने’ की नीति का पालन करता है, आत्मरक्षा परमाणु रणनीति बनाए रखता है, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक न्यूनतम स्तर पर हमेशा अपने परमाणु बलों को बनाए रखता है, किसी भी देश के साथ परमाणु हथियारों की होड़ में शामिल नहीं होता है, “परमाणु परीक्षण निलंबित करने” की अपनी प्रतिबद्धता का हमेशा पालन करता है, और चीन ने कभी भी व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि का उल्लंघन करने वाली कोई गतिविधि नहीं की है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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