इंटरनेशनल डेस्क। ईरान में इन दिनों एक खूनी जनआंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन के बीच महिलाओं ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ईरानी महिलाएं देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की जलती तस्वीर से सिगरेट सुलगाती नजर आ रही हैं। यह सिर्फ गुस्से का इजहार नहीं, बल्कि उस सत्ता को खुली चुनौती है, जहां महिलाओं की आजादी पर सख्त पाबंदियां हैं।
जलती तस्वीर से सिगरेट: विरोध का नया और खतरनाक प्रतीक
ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान यह दृश्य सबसे मजबूत प्रतीक बनकर सामने आया है। महिलाएं जलती हुई खामेनेई की तस्वीर से सिगरेट जलाकर यह संदेश दे रही हैं कि अब उन्हें किसी का डर नहीं है। यह वही ईरान है, जहां महिलाओं का सार्वजनिक जगह पर सिगरेट पीना भी गलत माना जाता है। सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना एक गंभीर अपराध है। इसके बावजूद महिलाएं खुलेआम यह जोखिम उठा रही हैं।
👁️| The brave women of Iran (true feminists) are making it a trend to take photos of themselves lighting a cigarette with a burning picture of the terrorist Ali Khamenei during ongoing protests across the country, including the Iranian capital, Tehran. pic.twitter.com/hkaw019T2z
— militantosh⚡️ (@MilitanTosh) January 9, 2026
आखिर क्यों भड़का ईरान का यह आंदोलन?
ईरान में यह विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए थे। शुरुआत में लोगों की नाराजगी की वजह थी- बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, खराब आर्थिक हालात लेकिन कुछ ही दिनों में यह आंदोलन सरकार और इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ विद्रोह में बदल गया। अब प्रदर्शनकारी सिर्फ सुधार नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को खत्म करने की बात कर रहे हैं।
सड़कों पर गूंज रहे सरकार विरोधी नारे
तेहरान समेत कई बड़े शहरों में प्रदर्शनकारी खुलकर नारे लगा रहे हैं, Death to Khamenei, Pahlavi will return, कई लोग ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी की वापसी की मांग भी कर रहे हैं। यह साफ संकेत है कि लोग मौजूदा शासन से पूरी तरह निराश हो चुके हैं।
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महिलाओं का विरोध…
ईरान में कानून बहुत सख्त हैं। खामेनेई की तस्वीर जलाना अपराध है। महिलाओं पर सिगरेट पीने तक की पाबंदी है। इसके बावजूद महिलाएं जान जोखिम में डालकर विरोध कर रही हैं।
पिछले साल ओमिद सरलक नाम के युवक ने खामेनेई की तस्वीर जलाने का वीडियो डाला था। कुछ ही घंटों बाद उसकी लाश उसकी कार में मिली थी।
सरकार की सख्त चेतावनी
तेहरान के मुख्य अभियोजक पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि— सरकारी इमारतें जलाने या इस तरह के विरोध में शामिल लोगों को मौत की सजा तक दी जा सकती है। डॉक्टरों और मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक करीब 200 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विरोध थमा नहीं है।
मैं 47 साल से मरी हुई हूं…
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक बुजुर्ग महिला, चेहरे पर खून लिए, चिल्लाते हुए कहती है— मैं डरती नहीं हूं, मैं 47 साल से मरी हुई हूं। यह वीडियो बताता है कि यह आंदोलन सिर्फ युवा महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उम्र की महिलाएं इसमें शामिल हैं।
दुनिया की नजर ईरान पर
दुनियाभर के विशेषज्ञ और लेखक इस आंदोलन पर नजर बनाए हुए हैं। जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. मालूफ ने कहा कि ईरान की युवा महिलाएं इस्लामिक शासन के खिलाफ क्रांति की अगुवाई कर रही हैं। वहीं लेखक और वकील क्ले ट्रैविस ने लिखा कि यह आंदोलन 21वीं सदी के किसी भी बड़े नारीवादी आंदोलन से ज्यादा साहसी है।
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