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विश्व रेडियो दिवस: रेडियो हमारे जीवन को बदल देता है

February 11, 2023

विश्व रेडियो दिवस: रेडियो हमारे जीवन को बदल देता है

13 फरवरी, 2023 को 12वां “विश्व रेडियो दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है, और इस वर्ष का विषय “रेडियो और शांति” है। 13 फरवरी, 1946 को संयुक्त राष्ट्र रेडियो की स्थापना हुई और रेडियो तरंगों के माध्यम से पूरी दुनिया में प्रसारण किया गया। इस ऐतिहासिक क्षण को मनाने के लिए, यूनेस्को ने 13 फरवरी को “विश्व रेडियो दिवस” ​​​​के रूप में नामित करने का निर्णय लिया, ताकि रेडियो के अद्वितीय मूल्य पर लोगों का ध्यान मजबूत किया जा सके। जब रेडियो की बात आती है, तो बहुत से लोग थोड़ा रहस्यमय और अजीब महसूस करते हैं, और अधिकांश लोग इसका उपयोग करते हैं लेकिन इसे नहीं जानते। रेडियो तरंगें वास्तव में हवा के समान होती हैं। हम लंबे समय तक उनमें रहते हैं,लेकिन उन्हें एहसास नहीं करते। केवल कुछ गलत होने पर ही हमें इसके अस्तित्व और महत्व का एहसास होता है।

एक महान वैज्ञानिक उपलब्धि की खोज से लेकर मनुष्य के उपयोग तक, इसमें अक्सर कई पीढ़ियों का प्रयास रहता है। साल 1888 में, जर्मन वैज्ञानिक हेनरिक रुडोल्फ हर्ट्ज़ ने टिमटिमाती हुई चिंगारी के माध्यम से पहली बार विद्युत चुम्बकीय तरंगों के अस्तित्व की पुष्टि की। साल 1895 में इटली के युवा गुग्लिल्मो मार्कोनी ने प्रयोगों के माध्यम से सफलतापूर्वक 15 मील दूर रेडियो सिग्नल भेजे। जून 1896 में, उन्होंने रेडियो रिसीवर का आविष्कार किया और ब्रिटेन में पेटेंट प्राप्त किया। तब से, रेडियो प्रौद्योगिकी तेजी से विकास की राह पर चल पड़ी है और इसने मानव समाज के विकास में महान योगदान दिया है।

चीन में आधुनिक रेडियो संचार का विकास युद्ध में इसके उपयोग से उत्पन्न हुआ। साल 1899 में, छिंग राजवंश की सरकार ने सबसे पहले क्वांगचो, माखो, छिआनशान, वेयुआन आदि मुख्य स्थानों और च्यांगफांग जहाज में रेडियो स्टेशन स्थापित किए। साल 1905 में, छिंग राजवंश की सरकार ने ब्रिटिश कंपनी के हाथ से सात स्पार्क टेलीग्राफ खरीदे, और उन्हें थिआनचिन, पेइचिंग, पाओतिंग आदि स्थानों पर स्थापित किया। तब से चीन में रेडियो संचार का युग शुरू हुआ। अगस्त 1930 में, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति ने लाल सेना का पहला रेडियो स्टेशन स्थापित किया और लाल सेना की रेडियो टुकड़ी की स्थापना की। चीन में जापान-विरोधी युद्ध, मुक्ति युद्ध और अमेरिकी आक्रामकता के विरोध व कोरिया की सहायता के लिए युद्ध समेत कई प्रमुख युद्धों की जीत में रेडियो संचार ने महान योगदान दिया।

नए चीन की स्थापना के बाद, चीन का रेडियो संचार उद्योग भटकने, बहाली और विकास के तीन चरणों से गुजरा है। सुधार और खुलेपन के बाद, नागरिक रेडियो संचार प्रौद्योगिकी का विकास दिन-ब-दिन बदल रहा है, और नई प्रौद्योगिकियां और नई सेवाएं एकाएक करके उभर रही हैं। दैनिक जीवन में, चाहे हाई-स्पीड रेल, विमान के सुरक्षा नियंत्रण हो या कोड स्कैनिंग, मोबाइल भुगतान, मोबाइल फोन सिग्नल, ऑनलाइन खरीदारी, सबकुछ रेडियो से अविभाज्य है। चीन में, प्रसारण और टेलीविजन, रेलवे परिवहन, एयरोस्पेस, वैज्ञानिक अनुसंधान, समाचार मीडिया और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विभिन्न उद्योगों में रेडियो सेवाओं का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। विशेष रूप से एयरोस्पेस में रेडियो तरंगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और अंतरिक्ष यान और जमीन के बीच सभी संचार रेडियो पर निर्भर करते हैं। यदि अंतरिक्ष यान पतंग की तरह है, तो रेडियो संचार पतंग की रेखा की तरह है। अंतरिक्ष यान चाहे कितनी भी दूर उड़े या जहां तक ​​उड़े, जब तक रेखा है, तब तक हम उससे संपर्क स्थापित कर सकते हैं। रेडियो संचार प्रौद्योगिकी का तेजी से विकास और व्यापक अनुप्रयोग लोगों के काम, अध्ययन और जीवन शैली को गहराई से प्रभावित कर रहा है और बदल रहा है, और वह आर्थिक और सामाजिक विकास और सूचना निर्माण को बढ़ावा देने में अधिक से अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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