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संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में शी चिनफ़िंग का वीडियो भाषण

इंटरनेशनल डेस्क: पेइचिंग समयानुसार 24 सितंबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफ़िंग ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में वीडियो संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 पेरिस समझौते की 10वीं वर्षगांठ है और यह राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के नए दौर को प्रस्तुत करने का अहम समय है। इस समय वैश्विक जलवायु शासन एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है।

राष्ट्रपति शी ने ज़ोर देकर कहा कि सबसे पहले अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विश्वास बनाए रखना चाहिए। हरित और निम्न-कार्बन परिवर्तन समय की अनिवार्य प्रवृत्ति है। भले ही कुछ देश इसके विपरीत कदम उठा रहे हों, लेकिन वैश्विक समुदाय को सही दिशा में अडिग रहना चाहिए और अटूट विश्वास, ठोस कार्रवाई तथा निरंतर प्रयास बनाए रखने चाहिए। साथ ही एनडीसी के निर्माण और क्रियान्वयन को मज़बूत करना चाहिए और वैश्विक जलवायु शासन में अधिक सकारात्मक ऊर्जा का योगदान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दूसरा, सभी देशों को अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभानी होंगी। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को निष्पक्षता और न्याय पर आधारित रुख अपनाना चाहिए तथा विकासशील देशों के विकास के अधिकार का पूरा सम्मान करना चाहिए। वैश्विक हरित परिवर्तन को उत्तर-दक्षिण की खाई को बढ़ाने के बजाय उसे पाटने का साधन बनाना चाहिए। साझा और विभेदित ज़िम्मेदारियों के सिद्धांत का पालन अनिवार्य है। विकसित देशों को उत्सर्जन में कमी लाने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए और विकासशील देशों को वित्तीय व तकनीकी सहायता देने की अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना चाहिए।

तीसरे बिंदु पर शी चिनफ़िंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को सहयोग और गहराना होगा। हरित प्रौद्योगिकी और उद्योगों में वैश्विक सहयोग बढ़ाना चाहिए, हरित उत्पादन क्षमता की कमी को दूर करना चाहिए और उच्च गुणवत्ता वाले हरित उत्पादों का मुक्त प्रवाह सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि विश्व के सभी हिस्सों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति शी ने एनडीसी के नए दौर के लिए चीन के लक्ष्यों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2035 तक चीन का शुद्ध ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन अपने चरम स्तर से 7 से 10 प्रतिशत तक घटा दिया जाएगा। चीन की कुल ऊर्जा खपत में गैर-जीवाश्म ऊर्जा का हिस्सा 30 प्रतिशत से अधिक होगा। पवन और सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता वर्ष 2020 के स्तर से छह गुना बढ़कर 3.6 अरब किलोवाट तक पहुँचेगी।

चीन का कुल वन क्षेत्र 24 अरब क्यूबिक मीटर से अधिक हो जाएगा। नए ऊर्जा वाहन देश में वाहन बिक्री की मुख्यधारा बनेंगे और राष्ट्रीय कार्बन उत्सर्जन व्यापार बाज़ार प्रमुख उच्च-उत्सर्जन उद्योगों को कवर करेगा। इन उपायों से चीन में एक जलवायु-प्रतिरोधी समाज का निर्माण होगा।

शी चिनफ़िंग ने यह भी कहा कि ये लक्ष्य पेरिस समझौते की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं और चीन के निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए चीन स्वयं अथक प्रयास करेगा, लेकिन इसके लिए एक अनुकूल और खुले अंतर्राष्ट्रीय वातावरण की भी आवश्यकता होगी। चीन अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए दृढ़ और आश्वस्त है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी पक्षों को मिलकर पृथ्वी की रक्षा करने और मानव व प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व के सुंदर दृष्टिकोण को साकार करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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