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शी चिनफिंग की सोच में समग्र वैश्विक बदलाव और चीन का पुनरुत्थान

वर्तमान विश्व एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। वैश्विक स्तर पर शक्तियों का संतुलन तेजी से बदल रहा है और एक नई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था आकार ले रही है। इसी संदर्भ में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दो “बड़ी समग्र स्थितियों” की अवधारणा प्रस्तुत की है। पहली, यह कि विश्व इस समय ऐसे बदलावों का सामना कर रहा है जो सौ वर्षों में कभी नहीं हुए। दूसरी, कि चीनी राष्ट्र एक ऐतिहासिक पुनरुत्थान की ओर अग्रसर है। ये दोनों विचार चीन की नीति निर्माण और शासन रणनीति के मूल आधार बन गए हैं।

पहली समग्र स्थिति यानी “सौ साल में अभूतपूर्व परिवर्तन” मुख्य रूप से तीन पहलुओं में प्रकट होती है। पहला, उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं और विकसित देशों की प्रगति की रफ्तार अद्वितीय है। उदाहरण के तौर पर, भारत ने सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगभग 40 वर्षों में वैश्विक सॉफ़्टवेयर आउटसोर्सिंग बाज़ार में प्रमुख स्थान प्राप्त कर लिया है। वहीं, चीन ने केवल 15 वर्षों में 5G और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभानी शुरू कर दी है। दूसरा, नई वैज्ञानिक और तकनीकी क्रांति तथा व्यवसायिक नवाचारों के चलते प्रतिस्पर्धा अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई है। तीसरा, वैश्विक प्रशासन प्रणाली वर्तमान अंतरराष्ट्रीय वास्तविकताओं के अनुरूप खुद को ढालने में पीछे रह गई है, जो एक बड़ा व्यवस्थित अंतर पैदा कर रही है।

दूसरी समग्र स्थिति चीनी राष्ट्र के पुनरुत्थान से जुड़ी है। आधुनिक काल में पतन के दौर से गुजरने के बाद, चीन एक बार फिर अपनी खोई हुई ऐतिहासिक भूमिका और गरिमा को हासिल करने की राह पर है। शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन ने “चीनी विशेषता वाला आधुनिकीकरण” नामक एक वैकल्पिक विकास मॉडल अपनाया है, जो पश्चिमी शैली के विकास से अलग है। इस मॉडल ने न केवल चीन के लिए, बल्कि अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक नया विकल्प प्रस्तुत किया है। चीन इस राह को मानव सभ्यता के विकास के लिए एक वैकल्पिक मॉडल के रूप में देखता है— ऐसा मॉडल जो सहयोग और साझा लाभ की भावना पर आधारित है।

इस दिशा में चीन ने बेल्ट एंड रोड पहल (BRI) की शुरुआत की, जिसे अब तक 150 से अधिक देशों और 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिल चुका है। इसके अलावा, शी चिनफिंग ने तीन प्रमुख वैश्विक पहलें— वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल और वैश्विक सभ्यता पहल भी प्रस्तुत की हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की भूमिका को मजबूत कर रही हैं।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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