जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर में आज सुबह आग की दो बड़ी घटनाओं ने अफरा-तफरी मचा दी। बता दें कि बांदीपोरा के मुख्य बाजार में भीषण आग लगने से करीब 14 दुकानें जलकर राख हो गईं, जबकि श्रीनगर के एचएमटी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कॉटन प्रोसेसिंग फैक्टरी में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
बांदीपोरा: तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स में भड़की आग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बांदीपोरा के व्यस्त बाजार में स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में सुबह अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटों ने 14 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने सामान बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के आगे प्रयास नाकाम रहे।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त फायर टेंडर भी तैनात किए गए। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपये के सामान के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित व्यापारियों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है।
श्रीनगर: कॉटन फैक्टरी पूरी तरह जली
दूसरी घटना श्रीनगर के एचएमटी औद्योगिक क्षेत्र में सामने आई, जहां एक कॉटन प्रोसेसिंग यूनिट में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी फैक्टरी इसकी चपेट में आ गई। स्टेट फायर कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही मजगुंड फायर स्टेशन से दमकल की टीमें रवाना की गईं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल कर्मियों को भी बुलाया गया। आग बुझाने का अभियान वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चलाया गया। घंटों की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया जा सका। फैक्टरी में मशीनरी और कच्चे माल को भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
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जांच के आदेश जारी
दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी खामी को संभावित कारणों में शामिल कर जांच की जा रही है। लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं ने बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने अग्नि सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने तथा फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

