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बुधाल के 7 PHC बिना डॉक्टर, 335 मेडिकल ऑफिसर जल्द होंगे तैनात

335 Doctors to Be Deployed Soon : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने कहा है कि दूर-दराज और कम सुविधा वाले इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर करने के लिए हाल ही में नियुक्त 335 मेडिकल ऑफिसरों को जल्द तैनात किया जाएगा। सरकार ने विधानसभा में बताया कि बुधाल विधानसभा क्षेत्र के 10 में से 7 PHC और NTPHC डॉक्टर व जरूरी पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, खाली पैरामेडिकल पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

न्यूज़ एजेंसी ‘कश्मीर न्यूज़ ऑब्ज़र्वर’ (KNO) के अनुसार, यह मुद्दा विधायक जावेद इक़बाल ने विधानसभा में एक सवाल के ज़रिए उठाया था, जिसमें उन्होंने क्षेत्र के दूर-दराज़ और आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ़ की कमी के बारे में जानकारी मांगी थी। अपने जवाब में, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कहा कि सरकार दूर-दराज़ और कम सुविधा वाले स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की कमी से वाकिफ़ है और इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठा रही है। सरकार ने कहा कि उसे मेडिकल ऑफिसर के पद के लिए 416 उम्मीदवारों की चयन सूची मिली है, जिनमें से 335 की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है।

विभाग ने कहा कि नए नियुक्त डॉक्टरों को प्राथमिकता के आधार पर उन दूर-दराज़ और कम सुविधा वाले स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किया जाएगा जहाँ डॉक्टरों की भारी कमी है; यह मंज़ूरशुदा पदों की उपलब्धता और अन्य प्रशासनिक ज़रूरतों पर निर्भर करेगा। विभाग ने कहा कि तैनाती उन इलाकों पर केंद्रित होगी जहाँ स्टाफ़ की कमी के कारण लोगों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पाने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पैरामेडिकल और अन्य स्टाफ़ के बारे में, सरकार ने कहा कि J&K में परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) और टीकाकरण के तहत 292 खाली पद, और साथ ही जम्मू के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के तहत 290 राजपत्रित (gazetted) और पैरामेडिकल खाली पद, भर्ती के लिए जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (JKSSB) को पहले ही भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा, जम्मू डिवीज़न में 839 गैर-राजपत्रित खाली पद और 261 MTS (क्लास-IV) पद प्रशासनिक विभाग में विचाराधीन हैं और ज़रूरी औपचारिकताएँ पूरी होने तथा वित्त विभाग से ज़रूरी मंज़ूरी मिलने (जहाँ भी ज़रूरी हो) के बाद विज्ञापन और भर्ती के लिए JKSSB को भेजे जाएँगे।

सरकार ने दूर-दराज़ और आदिवासी इलाकों में मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ़ की कमी से लोगों को होने वाली दिक्कतों को भी माना और कहा कि ज़रूरी हेल्थकेयर सेवाओं को जारी रखने के लिए वैकल्पिक इंतज़ाम किए गए हैं। सरकार ने बताया कि एक महीने के रोस्टर के हिसाब से दूर-दराज़ और आदिवासी इलाकों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ़ वाली मेडिकल मोबाइल टीमें तैनात की जा रही हैं। इन इंतज़ामों के तहत मोबाइल एम्बुलेंस सेवाएँ और ज़रूरी दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। पिछले दो सालों में संबंधित मंत्री को दी गई जानकारियों/मांगों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने फिर कहा कि वह पूरे जम्मू-कश्मीर में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर और ह्यूमन रिसोर्स को मज़बूत करने की कोशिश कर रही है।

सरकार ने कहा कि मेडिकल ऑफ़िसर और पैरामेडिकल स्टाफ़ की खाली जगहों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा और दूर-दराज़ व आदिवासी इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। हाल ही में नियुक्त 335 मेडिकल ऑफ़िसरों को जल्द ही तैनात किया जाएगा, खासकर उन संस्थानों में जहाँ डॉक्टरों की भारी कमी है।

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