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अनंतनाग में नशे के खिलाफ प्रशासन सख्त, 792 कनाल में उगी जंगली भांग नष्ट

792 Kanals of Wild Cannabis Destroyed in Anantnag : श्रीनगर। अनंतनाग में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। जिले में 792 कनाल भूमि पर उगी जंगली भांग नष्ट की जा चुकी है, जबकि सभी फार्मेसियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम भी 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. बिलाल मोहि-उद-दीन भट ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, निगरानी बढ़ाने और नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

इस बैठक का उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करना और जिले में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन (enforcement) को मजबूत करना था। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करने, विभागों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर बनाने, और नशीली दवाओं की रोकथाम, जागरूकता तथा पुनर्वास (rehabilitation) के प्रयासों को तेज करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। डिप्टी कमिश्नर ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों द्वारा समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, निगरानी बढ़ाने और विशेष रूप से युवाओं के बीच निरंतर जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र (Drug De-addiction Centre) के कामकाज की भी समीक्षा की और इसकी सेवाओं को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि नदी के किनारों और अन्य क्षेत्रों में उगने वाले 792 कनाल जंगली भांग (cannabis) को नष्ट कर दिया गया है। साथ ही, यह भी जानकारी दी गई कि जिले भर की फार्मेसियों में 100 प्रतिशत CCTV कैमरे लगा दिए गए हैं।

संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया कि वे फार्मेसियों में निरीक्षण और जांच तेज करें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है। उन्होंने नशीली दवाओं के सेवन से प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास और परामर्श (counseling) सुविधाओं को मजबूत करने का आह्वान किया और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे ‘नशा-मुक्त अनंतनाग’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करें। कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और अन्य विभागों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि वे निरंतर जागरूकता कार्यक्रम सुनिश्चित करें और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में छात्रों तथा युवाओं को सक्रिय रूप से शामिल करें।

बैठक में ADDC, SDM पहलगाम और बिजबेहरा, ASP, ACR, ACD, GDC के प्रधानाचार्य, ACP, CEO, DIO और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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