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आगा रुहुल्लाह 3 नवंबर को देंगे NC और सांसद पद से इस्तीफा

Aga Ruhullah Reaffirms November 3 Resignation Plan : श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने 3 नवंबर को पार्टी और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के अपने फैसले को दोहराया है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी पद या व्यक्तिगत नाराजगी को लेकर नहीं, बल्कि पार्टी की ओर से चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे पूरे न करने के खिलाफ है। इनमें अनुच्छेद 370 की बहाली, संवैधानिक अधिकार, आरक्षण और कैदियों की रिहाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। NC सांसद ने कहा कि उनका यह फैसला सिद्धांतों पर आधारित है और NC नेतृत्व उन चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहा है, जो जनता से किए गए थे। बडगाम में पत्रकारों से बात करते हुए रुहुल्लाह ने कहा कि उन्होंने इस्तीफे की घोषणा पहले ही कर दी थी और इसे 3 नवंबर को लागू किया जाएगा, जो उनके पिता, शहीद आगा सैयद मेहदी की पुण्यतिथि है। समाचार एजेंसी ‘कश्मीर न्यूज़ ऑब्जर्वर’ (KNO) के अनुसार, उन्होंने कहा, “बडगाम में DC कार्यालय के पास ‘बेहिश्त-ए-ज़हरा पार्क’ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।” चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की अटकलों के बीच अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए, रुहुल्लाह ने कहा कि वह न तो ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ के पक्ष में हैं और न ही ऐसी किसी गतिविधि से जुड़ना चाहते हैं। सांसद ने कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने देना चाहिए, और सरकारों को ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ के जरिए नहीं गिराया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ उनका मतभेद चुनावों के दौरान किए गए वादों को लेकर है, खासकर अनुच्छेद 370 की बहाली, संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण के मुद्दों और कैदियों की रिहाई के संबंध में। उन्होंने कहा, “किसी पद या कुर्सी न मिलने को लेकर मेरी कोई निजी नाराजगी नहीं है। मेरी लड़ाई सिद्धांतों पर आधारित है और उन वादों पर है जो नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनावों के दौरान जनता से किए थे।” रुहुल्लाह ने अनुच्छेद 370 पर पार्टी के रुख को लेकर NC अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी नेतृत्व अब उस राजनीतिक संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है, तो उन्हें पार्टी के चुनाव चिह्न पर मिली संसदीय सीट पर बने रहने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा, “जब पार्टी खुद ही अनुच्छेद 370 और हमारे संवैधानिक अधिकारों के लिए लड़ना नहीं चाहती, तो मैं अपनी सीट क्यों बनाए रखूं? मैं किसी भी तरह के भ्रम या धोखे का हिस्सा नहीं बनना चाहता।” रूहुल्लाह ने कहा कि वह अपने इस फैसले के राजनीतिक नतीजों का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर लोग उनके रुख का समर्थन करते हैं, तो संसदीय मंच के जरिए उनका प्रतिनिधित्व करने का मौका फिर से मिल सकता है। सांसद ने उन लोगों से भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की जो उसूलों की राजनीति, पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूरे जम्मू-कश्मीर से एक जैसी सोच रखने वाले लोगों को एक साथ आने का मौका देगा।
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