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अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह, 12 हजार से ज्यादा भक्तों ने बाबा बर्फानी के किए दर्शन

Amarnath Yatra 2025

Amarnath Yatra 2025

57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को देशभर से आए 12,340 श्रद्धालुओं ने अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। वहीं, शनिवार सुबह 4,800 से अधिक श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालु बालटाल और नुनवान (पहलगाम) के दोनों आधार शिविरों से पवित्र गुफा तक पहुंचे। पूरा रास्ता ‘बम-बम भोले’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बर्फानी बाबा’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

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शुक्रवार सुबह गुफा क्षेत्र में आंशिक बादल छाए रहे और कुछ समय के लिए हल्की बारिश भी हुई, लेकिन इसका यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा। यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से जारी रही। दर्शन करने के बाद श्रद्धालु अपने-अपने आधार शिविरों की ओर लौटने लगे। सुबह के समय श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन दोपहर बाद भीड़ तेजी से बढ़ी और देर शाम तक दर्शन का सिलसिला चलता रहा।

शनिवार तड़के जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 4,800 से अधिक श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था दो सुरक्षा काफिलों में बालटाल और नुनवान आधार शिविरों के लिए रवाना किया गया। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, बालटाल और पहलगाम दोनों यात्रा मार्गों के साथ-साथ पवित्र गुफा क्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु बनी रहे। भगवती नगर यात्री निवास और तवी नदी के तट पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहीं पर श्रद्धालुओं के लिए तत्काल (ऑन-द-स्पॉट) पंजीकरण और टोकन वितरण की प्रक्रिया भी जारी है।

श्रद्धालुओं ने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की है। हालांकि, कुछ यात्रियों ने सुझाव दिया कि रोजाना बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को देखते हुए तत्काल पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि लोगों को अधिक सुविधा मिल सके। इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए श्रद्धालुओं से केवल अपने पंजीकरण की निर्धारित तिथि पर ही यात्रा करने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी श्रद्धालु को उसकी निर्धारित तारीख से पहले यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या तय की गई है। सुरक्षा और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए इस सीमा का पालन करना अनिवार्य है।

यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा शुरू होने से पहले ही देशभर की बैंक शाखाओं और ऑनलाइन माध्यमों से अग्रिम पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। अधिकांश श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठाकर पहले ही अपना पंजीकरण करा चुके हैं। इसी कारण तत्काल पंजीकरण की सीटें बहुत सीमित हैं प्रशासन ने कहा कि बिना पंजीकरण के बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल पंजीकरण के माध्यम से समायोजित करना संभव नहीं है। ऐसे श्रद्धालुओं से धैर्य रखने और अपनी बारी का इंतजार करने की अपील की गई है।

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि कई पंजीकृत श्रद्धालु अपनी निर्धारित यात्रा तिथि से पहले ही जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। ऐसे किसी भी श्रद्धालु को तय तारीख से पहले यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक श्रद्धालु को बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर मिलेगा, लेकिन यह निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध क्षमता के अनुसार ही संभव होगा। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने और यात्रा को सुरक्षित एवं सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग देने की अपील की है। बता दें कि अमरनाथ यात्रा 2026 का समापन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन पर्व के साथ होगा।

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