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J&K में बिजली दरों में 6.83% बढ़ोतरी पर BJP विधायक मनकोटिया का हमला, उमर सरकार से फैसला वापस लेने की मांग

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में बिजली की दरों में औसतन 6.83 प्रतिशत बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने उमर अब्दुल्ला सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। नई दरें 1 सितंबर से लागू होने वाली हैं। मनकोटिया ने कहा कि जब आम परिवार पहले से महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्चों से परेशान हैं, ऐसे समय में बिजली की दरें बढ़ाना लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की।

‘200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे का क्या हुआ?’

बीजेपी विधायक ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनावी वादे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी ने हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद बिजली के टैरिफ में बढ़ोतरी की जा रही है। मनकोटिया ने सवाल उठाया कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और सरकार के मौजूदा फैसलों में इतना अंतर क्यों है। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने के बजाय बिजली महंगी करना सरकार के वादों पर सवाल खड़े करता है।

कम आय वाले परिवारों पर पड़ेगा ज्यादा असर

मनकोटिया ने टैरिफ बढ़ोतरी को आम जनता के साथ “धोखा” बताया। उन्होंने कहा कि बिजली रोजमर्रा की जिंदगी की जरूरी जरूरत है और इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है। उन्होंने खास तौर पर कम आय वाले परिवारों की चिंता जताई। उनके अनुसार, महंगाई के दौर में बिजली बिल में बढ़ोतरी से ऐसे परिवारों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

सरकार से फैसला वापस लेने की अपील

बीजेपी विधायक ने उमर अब्दुल्ला सरकार से बिजली टैरिफ बढ़ाने के फैसले की समीक्षा करने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। बिजली दरों में यह बढ़ोतरी आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। विपक्षी दल सरकार से बिजली के चुनावी वादों और बढ़ते बिलों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

📍 Location: Jammu (Jammu)

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