Chatru Minor’s Death Case : जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने चत्रू की एक नाबालिग लड़की की मौत की जांच के तरीके पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने जांच की उचित निगरानी, समयबद्ध कार्रवाई और ठोस नतीजे तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया था कि जांच क्राइम ब्रांच, जम्मू को ट्रांसफर कर दी जाए। हालांकि, हाई कोर्ट ने अब इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या क्राइम ब्रांच के किसी सीनियर अधिकारी की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई थी और क्या टीम को जांच पूरी करने के लिए कोई खास समय-सीमा वाला काम सौंपा गया था। एक अहम टिप्पणी में, कोर्ट ने जोर दिया कि जांच का नतीजा सिर्फ़ सरकारी क्राइम रिकॉर्ड में मामले को एक आंकड़ा बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
कोर्ट की टिप्पणियां जवाबदेही, सही निगरानी और एक निर्णायक जांच के महत्व को रेखांकित करती हैं। सरकार से कहा गया है कि वह ज़रूरी जानकारी कोर्ट के सामने रखे। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर, 2026 को होनी है। कोर्ट ने किसी भी आरोपी के दोषी या निर्दोष होने के बारे में कोई फैसला नहीं सुनाया है। इसकी तत्काल चिंता यह सुनिश्चित करना है कि जांच की सही निगरानी हो, वह उचित समय-सीमा के भीतर आगे बढ़े और किसी ठोस नतीजे तक पहुंचे। इस घटनाक्रम ने चत्रू मामले पर और ध्यान आकर्षित किया है, जिसने पहले ही लोगों का काफी ध्यान खींचा है।

