Committee Seeks Dignity and Sanctity of Jhiri Mela : जम्मू। शहीद किसान बाबा जित्तो संघर्ष समिति ने आगामी झिरी मेले की धार्मिक पवित्रता और सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने की मांग को लेकर जम्मू के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। समिति ने पिछले मेलों में आपत्तिजनक बैनर और अश्लील कार्यक्रमों को लेकर चिंता जताते हुए गायकों व मनोरंजन कार्यक्रमों के चयन में सावधानी बरतने की अपील की। इसके अलावा, झिरी में नवनिर्मित इंडोर स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार पर ‘बाबा जित्तो इंडोर स्टेडियम’ का स्थायी साइनबोर्ड लगाने की मांग भी उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि मेले की धार्मिक पवित्रता, सांस्कृतिक गरिमा और ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखा जाए। समिति ने कहा कि बाबा जित्तो जी किसानों के अधिकारों, न्याय, समानता और बलिदान के प्रतीक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि झिरी में उनके देव स्थान पर लगने वाला यह वार्षिक मेला केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह किसानों के गौरव, धार्मिक आस्था और जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
प्रतिनिधिमंडल ने पिछले मेलों के दौरान लगाए गए आपत्तिजनक फ्लेक्स बैनर, अश्लील प्रदर्शनों और कार्यक्रमों पर चिंता जताई और कहा कि ऐसी गतिविधियों से श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वे एहतियाती कदम उठाएं और गायकों, कलाकारों तथा मनोरंजन कार्यक्रमों का चयन सावधानी से करें, ताकि धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो सके और बाबा जित्तो जी की विरासत का मान बना रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने झिरी में नवनिर्मित इंडोर स्टेडियम में स्थायी साइनबोर्ड न होने का मुद्दा भी उठाया। समिति के अनुसार, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस सुविधा का उद्घाटन ‘बाबा जित्तो इंडोर स्टेडियम’ नाम से किया था, जो उद्घाटन के समय आधिकारिक डिजिटल स्क्रीन पर भी प्रदर्शित हुआ था। समिति ने प्रशासन से आग्रह किया कि संबंधित विभागों को निर्देश दिया जाए कि वे मुख्य प्रवेश द्वार पर एक स्पष्ट साइनबोर्ड लगाएं। युवा राजपूत सभा के संस्थापक और भाजपा नेता सुरिंदर सिंह गिल्ली ने भी प्रतिनिधिमंडल को अपना समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि झिरी मेला जम्मू की पहचान का एक अभिन्न हिस्सा है और इसकी गरिमा, पवित्रता तथा ऐतिहासिक महत्व की रक्षा करना आवश्यक है। समिति ने उम्मीद जताई कि प्रशासन दोनों मांगों पर समय रहते कार्रवाई करेगा, ताकि आगामी झिरी मेला पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ संपन्न हो सके और बाबा जित्तो जी की विरासत का उचित मान रखा जा सके।

