नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक को इस सप्ताह के शुरू में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के संबंध में एक वकील की कार्यवाही को बंद कर दिया और कहा कि जलवायु कार्यकर्ता, जिन्हें अब रिहा कर दिया गया है, अपनी शिकायतें स्वयं उठा सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के वास्ते आंदोलन करने के लिए (किसी दूसरे व्यक्ति की) जरूरत नहीं है। वे चाहें तो अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर सकते हैं। इस मामले में जनहित याचिका नहीं हो सकती। वे अपने तरीके से आंदोलन करेंगे। वे (वांगचुक और उनके साथी) जो भी करना चाहेंगे, करेंगे। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि वांगचुक को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए बिना दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से लगभग तीन दिनों तक हिरासत में रखा।
दिल्ली High Court ने लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की नजरबंदी से जुड़ी याचिका बंद की

