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इंजीनियर रशीद की जमानत पर जल्द सुनवाई की मांग, AIP ने CJI से लगाई गुहार

demand-for-hearing-on-engineer-rashids-bail-plea : श्रीनगर। अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने अपने अध्यक्ष और बारामूला सांसद इंजीनियर रशीद की जेल में सात साल पूरे होने पर उनकी जमानत याचिका पर जल्द विचार करने की अपील की है। पार्टी ने कहा कि बिना ट्रायल पूरा हुए लंबे समय तक हिरासत में रखना न्याय, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और उनके मतदाताओं के प्रतिनिधित्व से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।

AIP के मुख्य प्रवक्ता इनाम-उन-नबी, राज्य सचिव शेख आशिक और महासचिव नज़ीर अहमद खान ने कहा कि एक चुने हुए सांसद को सात साल तक जेल में रखना – जबकि ट्रायल किसी नतीजे तक नहीं पहुँचा है – सिर्फ़ कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और व्यक्तिगत आज़ादी से जुड़ा मामला है। इनाम ने कहा कि इंजीनियर रशीद कश्मीर की लगभग 40 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और तर्क दिया कि उनकी लंबी अनुपस्थिति ने उनके क्षेत्र के लोगों को सात साल तक संसदीय प्रतिनिधित्व और जनसेवा से वंचित रखा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से अपील करते हुए, इनाम ने आग्रह किया कि इंजीनियर रशीद की ज़मानत अर्ज़ी पर सहानुभूति, तत्परता और संवैधानिक निष्पक्षता के साथ विचार किया जाए।

उन्होंने इस सिद्धांत का ज़िक्र किया कि ‘ज़मानत नियम है और जेल अपवाद’, साथ ही ज़ोर दिया कि पार्टी अपने अध्यक्ष के लिए कोई विशेष व्यवहार नहीं चाहती है। उन्होंने कहा, “हम न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हमारी बस यही गुज़ारिश है कि न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए, खासकर तब जब व्यक्तिगत आज़ादी दांव पर हो।” इनाम ने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि जीवन और व्यक्तिगत आज़ादी का अधिकार एक मौलिक गारंटी है और लंबे समय तक जेल में रखने के साथ-साथ ट्रायल में देरी पर न्यायपालिका को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सात साल की जेल के नतीजे सिर्फ़ इंजीनियर रशीद और उनके परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन लाखों मतदाताओं पर भी असर डालते हैं जिन्होंने उन्हें चुना था और जो उनके प्रतिनिधित्व से वंचित रहे हैं।

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