जम्मू-कश्मीर डेस्कः प्रदेश में सीमा सुरक्षा बल की 7 नई बटालियनों और जेकेएसओजी के 350 जवानों की तैनाती से आतंकियों पर बड़े पैमाने पर मारक अभियान की तैयारी तेज हो गई है।
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सीमा सुरक्षा मजबूत
जम्मू संभाग की 192 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा को अभेद्य बनाने हेतु गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल की 7 अतिरिक्त बटालियनों की तैनाती का फैसला लिया है। इनमें से कुछ बटालियनें जम्मू, सांबा व कठुआ सेक्टर में पहुंच चुकी हैं, बाकी शीघ्र अनुमंडित होंगी। गर्मियों में पाकिस्तान से घुसपैठ की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे जीरो इनफिल्ट्रेशन सुनिश्चित हो।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा
श्री अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। पाकिस्तान द्वारा जम्मू क्षेत्र में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें तेज हो सकती हैं, क्योंकि सीमा पर कई लांच पैड सक्रिय हैं। अतिरिक्त बलों से सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
एसओजी जवानों का प्रशिक्षण
जम्मू संभाग के जंगलों व पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों को धराशायी करने हेतु जेकेएसओजी के 350 जवान तैयार हैं। ये जवान आंध्र प्रदेश में ग्रेहाउंड्स व सेना की विशेष इकाइयों के साथ 10 माह की कठिन ट्रेनिंग लेकर लौटे हैं, जिसमें जंगल युद्ध, दुर्गम क्षेत्रों में जीवित रहना व विशेष कॉम्बैट तकनीकें सिखाई गईं। अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद यह प्रशिक्षण शुरू हुआ था, जो निरंतर जारी रहेगा।
गृह मंत्री की रणनीति
गृह मंत्री अमित शाह ने फरवरी 2026 के जम्मू दौरे में उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा समीक्षा कर यह रणनीति तैयार की। डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर, कठुआ, राजौरी व पुंछ के ऊपरी इलाकों में विदेशी आतंकियों की मौजूदगी की खबरें हैं। इनसे सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत किया जा रहा है।
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