
Dharmendra Pradhan should have resigned earlier : जम्मू। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को “बहुत पहले हो जाना चाहिए था” वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम का पूरा श्रेय उन छात्रों को जाता है जिन्होंने देशव्यापी NEET विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और न्याय व जवाबदेही की अपनी मांग पर अडिग रहे।
वे एकजुट रहे, अपना शांतिपूर्ण विरोध जारी रखा और तब तक पीछे नहीं हटे जब तक उनकी आवाज़ सुनी नहीं गई।” जम्मू-कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, मुख्यमंत्री ने लगभग 2,500 से 3,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लेने से उग्रवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से लोगों को हिरासत में लेने का समाज पर व्यापक असर पड़ता है, जिससे हज़ारों परिवार प्रभावित होते हैं और लोगों में अलगाव की भावना पैदा होती है।
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