Site icon Dainik Savera Times

मुझसे उपवास खत्म करने के लिए न कहें, बल्कि 20 जुलाई के मार्च में शामिल हों: सोनम वांगचुक

श्रीनगरः सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट (NEET) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। गुरुवार को उनकी भूख हड़ताल का 19वां दिन पूरा हो गया। लगातार कई दिनों से भोजन न करने की वजह से उनकी तबीयत कमजोर होती जा रही है। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।

वीडियो संदेश में समर्थकों से की खास अपील
बुधवार देर रात सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं है, लेकिन स्थिति इतनी गंभीर भी नहीं है कि लोग घबरा जाएं। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि वे उनसे बार-बार भूख हड़ताल खत्म करने की अपील न करें। इसके बजाय वे 20 जुलाई को होने वाले “चलो संसद” मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होकर इस आंदोलन को मजबूत बनाएं। वांगचुक ने कहा कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोग शांतिपूर्ण तरीके से संसद मार्च में हिस्सा लेंगे, तो उनकी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जा सकेगा।

डॉक्टरों की 24 घंटे निगरानी में हैं वांगचुक
आंदोलन से जुड़े लोगों द्वारा जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक की शारीरिक स्थिति पहले से काफी कमजोर हो गई है। इसी कारण उन्हें 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उनका वजन करीब 400 ग्राम और कम हो गया है। अब उनका वजन 57.15 किलोग्राम रह गया है। भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से अब तक उनका कुल वजन लगभग 8.9 किलोग्राम घट चुका है, जो चिंता का विषय माना जा रहा है।

मेडिकल रिपोर्ट में क्या सामने आया
डॉक्टरों की ओर से जारी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक ब्लड प्रेशर 105/76 mmHg, ब्लड शुगर: 80 mg/dL, ऑक्सीजन सैचुरेशन 97 प्रतिशत। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और मानसिक रूप से भी सतर्क हैं। हालांकि, लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल का असर उनके शरीर पर साफ दिखाई दे रहा है। इसलिए उनकी लगातार मेडिकल जांच और निगरानी की जा रही है।

20 जुलाई के संसद मार्च पर सभी की नजर
सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाएं और 20 जुलाई को होने वाले “चलो संसद” मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों। उनका कहना है कि यह मार्च उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होगा। वहीं, उनकी लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए डॉक्टर भी हर पल उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

📍 Location: Srinagar (Srinagar)

Exit mobile version