Earthquake in jammu & kashmir : जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शनिवार सुबह लोगों ने भूकंप के हल्के झटके महसूस किए। खासकर कश्मीर घाटी में रहने वाले लोग कुछ देर के लिए घबरा गए और एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
EQ of M: 4.8, On: 18/04/2026 08:46:12 IST, Lat: 36.424 N, Long: 70.904 E, Depth: 167 Km, Location: Afghanistan.
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भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था
इस भूकंप का केंद्र बदाखशान के ज़ायबक इलाके में था, जो अफगानिस्तान में स्थित है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई। यह भूकंप सुबह करीब 8:24 बजे आया और इसकी गहराई जमीन के अंदर लगभग 190 किलोमीटर थी। ज्यादा गहराई होने की वजह से इसका असर हल्का महसूस हुआ।
घबरा कर घरों से बाहर भागे लोग
जैसे ही लोगों को झटके महसूस हुए, वे तुरंत घरों से बाहर निकल आए। कई लोग कुछ समय तक बाहर ही रहे और जब उन्हें यकीन हो गया कि अब कोई खतरा नहीं है, तब वापस अपने घरों में लौटे। हालांकि, किसी भी तरह के नुकसान या चोट की कोई सूचना नहीं मिली है।
मार्च में भी आया था भूकंप
इससे पहले मार्च महीने में डोडा जिले में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप देर रात करीब 1:25 बजे महसूस किया गया था। इसका केंद्र जमीन से लगभग 5 किलोमीटर नीचे था। उस समय भी किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं आई थी।
फरवरी में भी लगे थे झटके
फरवरी महीने में भी कश्मीर घाटी में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र पट्टन क्षेत्र में था, जो गुलमर्ग से करीब 10 किलोमीटर दूर है। इस भूकंप के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया था, लेकिन तब भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है कश्मीर
कश्मीर घाटी एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां भूकंप आने की संभावना अधिक रहती है। भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार पूरा हिमालयी क्षेत्र उच्च भूकंपीय जोखिम वाले जोन में आता है। इसका मतलब है कि यहां समय-समय पर भूकंप आ सकते हैं।
2005 का विनाशकारी भूकंप
8 अक्टूबर 2005 को इस क्षेत्र में 7.6 तीव्रता का बहुत बड़ा भूकंप आया था, जिसने नियंत्रण रेखा के दोनों ओर कश्मीर के बड़े हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचाया था। इस आपदा में हजारों लोगों की जान चली गई थी और सड़कों, घरों और अन्य ढांचे को गंभीर नुकसान हुआ था।

