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कानून की नजर में गुनाह साबित होने तक हर व्यक्ति निर्दोष : CM Omar Abdullah

February 15, 2025

कानून की नजर में गुनाह साबित होने तक हर व्यक्ति निर्दोष : CM Omar Abdullah
CM Omar Abdullah : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकवादियों से कथित संबंध को लेकर उपराज्यपाल द्वारा शनिवार को तीन सरकारी कर्मचारियों को मनमाने ढंग से बर्खास्त करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून की नजर में अदालत में ‘‘गुनाह साबित होने तक हर आरोपी व्यक्ति निदरेष है।’’ पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी कर्मचारियों की बर्खास्तगी को मनमाना करार दिया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों की जांच रिपोर्ट के बाद तीन कर्मचारियों की सेवाओं को समाप्त करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (सी) का इस्तेमाल किया। इस रिपोर्ट में उन पर आतंकी संबंधों का आरोप लगाया गया था। पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद से संबंध रखने के आरोप में अब तक 70 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। अब्दुल्ला ने यहां एक समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्या उनके (बर्खास्त कर्मचारियों के) खिलाफ सबूत हैं और क्या उन्हें आरोपों को स्पष्ट करने का अवसर दिया गया पर वे इसमें विफल रहे.. यदि उनकी बात सुने बिना ऐसे कदम उठाए गए हैं तो कानून कहता है कि किसी भी अपराध का आरोपी व्यक्ति तब तक निदरेष समझा जाए जब तक कि उसका दोष सिद्ध न हो जाए।’’
वह उपराज्यपाल द्वारा आतंकवादियों से संबंध रखने के आरोपी सरकारी कर्मचारियों की सेवा से बर्खास्तगी पर पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने वक्फ विधेयक पेश किए जाने पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि यह कानून देश के मुसलमानों के खिलाफ है और इस तरह के कानून लाने का कोई और कारण नहीं है। उमर ने अपने पहले बजट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इंतजार करना बेहतर है। विधानसभा सत्र तीन मार्च से शुरू होगा और बजट सात मार्च को पेश किए जाने की संभावना है।
वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार के सत्ता में आने के बाद भी कर्मचारियों की ‘मनमाने ढंग से और जल्दबाजी में’ बर्खास्तगी जारी है। महबूबा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, कि ‘सरकारी कर्मचारियों की मनमाने तरीके और जल्दबाजी में की जाने वाली बर्खास्तगी 2019 से एक दैनिक घटना बन गई है। शायद सबसे आश्चर्यजनक और हैरान करने वाली बात यह है कि उस निर्वाचित सरकार के सत्ता में होने के बावजूद यह बेरोकटोक जारी है, जिसने सत्ता में आने पर इस तरह की कार्रवाई को समाप्त करने का वादा किया था।’’

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