फारूक अब्दुल्ला का ऐलान : 5 अगस्त 2019 के फैसले असंवैधानिक
August 6, 2026
Farooq Abdullah’s announcement : जम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35A हटाने से जुड़े फैसले असंवैधानिक थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर उनकी पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।
विशेष दर्जे की बहाली पर NC का संघर्ष जारी
अब्दुल्ला ने कहा कि देश भर में बड़ी संख्या में लोग इस मांग का समर्थन करते हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर संसद में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस इस मामले में अपनी राजनीतिक और संवैधानिक कोशिशें जारी रखेगी। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A को खत्म कर दिया था, जिससे जम्मू-कश्मीर राज्य का विशेष संवैधानिक दर्जा समाप्त हो गया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख – में पुनर्गठित किया गया। यह कदम इस क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है, और कई पार्टियां राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा उपाय बहाल करने की मांग कर रही हैं।
राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग फिर दोहराई
जब जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के रोडमैप के बारे में पूछा गया, तो अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की इस मामले पर स्पष्ट नीति है और वह लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखती रहेगी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के खिलाफ की गई टिप्पणी से जुड़े एक अलग सवाल का जवाब देते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि वह खुद जवाब देने में सक्षम हैं। 5 अगस्त 2019 के फैसलों की सातवीं बरसी पर पूरे जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां देखी गईं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने कई जिलों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित कीं और राज्य का विशेष दर्जा और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी मांग दोहराई। बीजेपी नेताओं और समर्थकों ने 2019 में उठाए गए संवैधानिक कदमों के बाद आए बदलावों को उजागर करके इस दिन को मनाया, जिससे इस मुद्दे पर जारी राजनीतिक बहस का पता चलता है।