कुपवाड़ा: कश्मीर घाटी में एक बार फिर नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव देखने को मिला जब पाकिस्तानी सेना ने कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में गोलीबारी शुरू की। यह फायरिंग 20 सितंबर की शाम लगभग 6:15 बजे शुरू हुई और करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर जारी रही। इस दौरान भारतीय सेना ने भी पूरी मुस्तैदी से जवाबी कार्रवाई की।
सेना के सूत्रों के अनुसार, यह घटना सीमित स्तर की गोलीबारी थी और इसे औपचारिक रूप से संघर्ष विराम उल्लंघन की श्रेणी में नहीं रखा गया है। हालांकि, इससे यह साफ जाहिर होता है कि एलओसी पर हालात पूरी तरह शांत नहीं हैं।
फायरिंग की इस घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। दोनों ओर से हल्की गोलीबारी के बाद क्षेत्र में शांति बहाल हो गई है। हालांकि, सेना की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर की गूंज अब भी बाकी
गौरतलब है कि बीते मई में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। भारत ने ऑपरेशन के दौरान नौ आतंकी लॉन्च पैड्स और कई एयरबेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर ध्वस्त किया था।
उसके बाद कुछ महीनों तक सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनी रही थी, लेकिन 5 अगस्त को भी संघर्ष विराम के उल्लंघन की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, भारतीय सेना ने इन खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया था कि LoC पर कोई आधिकारिक उल्लंघन नहीं हुआ है।
वायुसेना प्रमुख का बयान: “हमारा उद्देश्य पूरा हो चुका है”
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद-रोधी लक्ष्य पूरा होने के बाद समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि यदि यह अभियान लंबा खिंचता, तो उसके दूरगामी नतीजे हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा, “पाकिस्तान पीछे हट चुका था, उन्होंने घुटने टेक दिए थे। हमारा मकसद आतंकवाद पर करारा वार करना था, जो हमने सफलतापूर्वक किया।”
एलओसी पर फिर से बढ़ाई गई सतर्कता
नौगाम सेक्टर की इस ताजा घटना के बाद सेना ने सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी है। खुफिया एजेंसियां भी इलाके में किसी संभावित आतंकी गतिविधि या घुसपैठ की आशंका को लेकर सक्रिय हो गई हैं।

